रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा शुरू की है। यह दौरा पिछले 38 वर्षों में किसी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है।

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 38 वर्षों में पहली बार श्रीलंका का दौरा किया।
  • यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
  • भारतीय नौसेना का आधुनिक फ्रिगेट INS उदयगिरि कोलंबो बंदरगाह पहुंचा।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ श्रीलंका पहुंचे। यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह रणनीतिक रूप से भी अत्यंत अहम है क्योंकि पिछले लगभग चार दशकों में किसी भी भारतीय रक्षा मंत्री ने श्रीलंका का दौरा नहीं किया था। इस प्रतिनिधिमंडल में रक्षा और विदेश मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

बंदरनाइके अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्रीलंकाई रक्षा उप-मंत्री मेजर जनरल (रिटायर्ड) अरुणा जयासेकरा और भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने उनका स्वागत किया। राजनाथ सिंह ने इस यात्रा को भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोस प्रथम) और 'महासागर' (MAHASAGAR) पहल के तहत एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रीलंका भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है, जिसके साथ गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका को दर्शाती है। चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच, भारत अपनी 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' की भूमिका को मजबूत कर रहा है। रक्षा सहयोग का विस्तार केवल सैन्य उपकरणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री गश्त को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह यात्रा दक्षिण एशिया में सुरक्षा वास्तुकला को पुनर्जीवित करने और श्रीलंका के साथ विश्वास बहाली के एक नए युग की शुरुआत है।

इस यात्रा के साथ-साथ भारतीय नौसेना का उन्नत स्वदेशी स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट INS उदयगिरि भी कोलंबो बंदरगाह पहुंचा है। श्रीलंका की नौसेना ने इस जहाज का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। श्रीलंकाई नौसेना के कर्मी इस जहाज पर क्षमता परिचय, ज्ञान साझाकरण और ऑन-बोर्ड प्रशिक्षण के लिए जाएंगे, जो दोनों देशों के बीच तकनीकी तालमेल को बढ़ाएगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की बात करें तो भारत और श्रीलंका के संबंध हमेशा से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं, विशेष रूप से गृहयुद्ध के दौरान। हालांकि, हाल के वर्षों में आर्थिक संकट के समय भारत द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता ने संबंधों में नई मिठास घोली है। अब रक्षा क्षेत्र में यह सक्रियता दर्शाती है कि दोनों देश अब सुरक्षा चुनौतियों का सामना मिलकर करना चाहते हैं।

क्या आप जानते हैं?: INS उदयगिरि भारत के प्रोजेक्ट 17A के तहत बनाया गया एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है, जो दुश्मन की रडार से बचकर हमला करने में सक्षम है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: राजनाथ सिंह की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा सहयोग बढ़ाना, क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति को मजबूत करना है।

p>प्रश्न 2: INS उदयगिरि की कोलंबो यात्रा का क्या महत्व है?
उत्तर: यह दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता (interoperability) बढ़ाने और तकनीकी ज्ञान साझा करने का एक माध्यम है।