81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने सुरक्षा परिषद में 'अर्थपूर्ण' सुधारों की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि जनता का विश्वास बहाल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को 1945 की मानसिकता से बाहर निकलना होगा।
- UNGA अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने सुरक्षा परिषद में गहरे और विश्वसनीय सुधारों की मांग की।
- उन्होंने कहा कि वर्तमान UN ढांचा 1945 के पुराने मानदंडों पर आधारित है जो आज के युग में अप्रासंगिक है।
- महासभा अध्यक्ष ने महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की 'UN80' पहल का समर्थन किया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने वैश्विक निकाय, विशेष रूप से सुरक्षा परिषद (UNSC) में 'अर्थपूर्ण' सुधारों का आह्वान किया है। मंगलवार को अपना कार्यभार संभालने के बाद, रहमान ने स्पष्ट किया कि ये बदलाव केवल औपचारिक नहीं होने चाहिए, बल्कि ऐसे होने चाहिए जो संयुक्त राष्ट्र को भविष्य के लिए सक्षम बनाएं और जनता के बीच उसकी गिरती साख को वापस ला सकें।
एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, रहमान ने इस बात पर जोर दिया कि सुधारों को मामूली या नियमित प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में विश्वास की भारी कमी है और जब तक सुधार गहरे और वास्तविक नहीं होंगे, उन्हें केवल सतही माना जाएगा। खलीलुर रहमान, जो बांग्लादेश के विदेश मंत्री भी हैं, ने संकेत दिया कि संगठन को अब अपनी पुरानी पहचान बदलनी होगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, सुरक्षा परिषद में सुधार की यह मांग वैश्विक दक्षिण (Global South) की बढ़ती आकांक्षाओं को दर्शाती है। वर्तमान में UNSC के स्थायी सदस्य 1945 के शक्ति संतुलन का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि भारत, ब्राजील और अफ्रीकी देशों जैसे उभरते हुए वैश्विक खिलाड़ी लंबे समय से अपनी स्थायी सदस्यता की मांग कर रहे हैं। यदि UNGA अध्यक्ष इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।
"संयुक्त राष्ट्र का ढांचा 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने के लिए बहुत पुराना हो चुका है; अब समय केवल चर्चा का नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई का है।"
रहमान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के निर्माण के लिए हुए सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा, "यह 1945 नहीं है। दुनिया आगे बढ़ चुकी है और संगठन को भी इसके साथ चलना होगा।" उन्होंने महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की 'UN80' पहल का समर्थन किया, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को अधिक सरल, प्रभावी और सुसंगत बनाना है।
सहयोग और संवाद पर जोर देते हुए, उन्होंने स्वीकार किया कि सभी विवादों का समाधान तुरंत या शांतिपूर्ण ढंग से नहीं हो सकता, लेकिन साझा जमीन तलाशने की कोशिश जारी रहनी चाहिए। रहमान ने पूर्व जर्मन विदेश मंत्री अन्नालीना बेयरबॉक का स्थान लिया है और उनके कार्यकाल की शुरुआत ही संस्थागत बदलाव की मांग से हुई है।
Frequently Asked Questions
1. खलीलुर रहमान कौन हैं?
खलीलुर रहमान बांग्लादेश के विदेश मंत्री हैं और वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं।
2. सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता क्यों है?
क्योंकि वर्तमान संरचना 1945 के बाद की दुनिया को दर्शाती है और इसमें आधुनिक वैश्विक शक्तियों और क्षेत्रीय विविधताओं का उचित प्रतिनिधित्व नहीं है।