कोलंबिया विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र महमूद खलील ने संस्थान पर फिलिस्तीनी छात्रों की सुरक्षा में विफलता और उत्पीड़न की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है।

  • महमूद खलील ने कोलंबिया विश्वविद्यालय पर फिलिस्तीनी छात्रों के खिलाफ उत्पीड़न और 'डॉक्सिंग' को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
  • मुकदमे में विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की सुरक्षा के बजाय अपनी प्रतिष्ठा बचाने को प्राथमिकता देने का दावा किया गया है।
  • यह कानूनी लड़ाई छात्र की गिरफ्तारी और निर्वासन (deportation) के प्रयासों के बीच एक बड़े विवाद का हिस्सा है।

न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में दायर किए गए 60 पन्नों के इस व्यापक मुकदमे में, महमूद खलील और 'फिलिस्तीन वर्किंग ग्रुप' के सदस्यों ने कोलंबिया विश्वविद्यालय, उसके बोर्ड और डीन केरेन यार्ही-मिलो पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि विश्वविद्यालय ने उन छात्रों के खिलाफ संगठित उत्पीड़न और 'डॉक्सिंग' (निजी जानकारी सार्वजनिक करना) की घटनाओं को नजरअंदाज किया, जो फिलिस्तीनी अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे थे।

महमूद खलील, जो एक अमेरिकी ग्रीन कार्ड धारक हैं, का कहना है कि विश्वविद्यालय की 'जानबूझकर की गई लापरवाही' ने ही उन्हें ट्रंप प्रशासन के निशाने पर आने का रास्ता साफ किया। मार्च 2025 में, उन्हें उनके विश्वविद्यालय परिसर से ही गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपने पहले बेटे के जन्म के महत्वपूर्ण क्षण को जेल में बिताया। खलील का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने उनकी सुरक्षा के बजाय अपने बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के वैचारिक हितों को अधिक महत्व दिया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक छात्र के व्यक्तिगत संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी उच्च शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। यह मुकदमा यह भी सवाल उठाता है कि क्या विश्वविद्यालय अपने छात्रों को उन खतरों से बचाने में सक्षम हैं जो कैंपस की राजनीति से उत्पन्न होते हैं।

"कोलंबिया ने मेरी सुरक्षा के बजाय अपनी प्रतिष्ठा को चुना, जिससे मुझे और अन्य छात्रों को एक भयानक स्थिति का सामना करना पड़ा।" — महमूद खलील

मुकदमे के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 के बाद से छात्रों ने बार-बार मदद मांगी थी, लेकिन उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। छात्रों की निजी जानकारी ऑनलाइन साझा की गई और यहाँ तक कि मोबाइल बिलबोर्ड्स पर प्रदर्शित की गई। खलील ने पहले भी ट्रंप प्रशासन और कुछ प्रो-इजरायल समूहों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसमें उन्होंने मिलीभगत का आरोप लगाया है।

Did You Know?: कोलंबिया विश्वविद्यालय का 'फिलिस्तीन वर्किंग ग्रुप' कैंपस में छात्र गतिविधियों के केंद्र में था, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबित कर दिया था।

Frequently Asked Questions

1. महमूद खलील पर क्या आरोप हैं?
खलील का आरोप है कि कोलंबिया विश्वविद्यालय ने फिलिस्तीनी छात्रों के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न और डॉक्सिंग को रोकने में विफलता दिखाई और उनकी सुरक्षा की अनदेखी की।

2. इस मुकदमे का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इस मुकदमे का उद्देश्य विश्वविद्यालय की जवाबदेही तय करना और उन परिस्थितियों को समाप्त करना है जो फिलिस्तीनी छात्रों के प्रति शत्रुता पैदा करती हैं।