अमेरिकी प्रशासन ने वीजा धोखाधड़ी की जांच के चलते कॉग्निजेंट और क्लाउडरा की PERM फाइलिंग पर रोक लगा दी है। इस फैसले से अमेरिका में कार्यरत हजारों भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के स्थायी निवास (Green Card) के सपने को बड़ा झटका लग सकता है।
- अमेरिका ने कॉग्निजेंट और क्लाउडरा की PERM (स्थायी श्रम प्रमाणन) फाइलिंग को निलंबित किया है।
- यह कार्रवाई व्हाइट हाउस फ्रॉड टास्क फोर्स और श्रम विभाग के समन्वित जांच का हिस्सा है।
- हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों के ग्रीन कार्ड आवेदन इस निलंबन से प्रभावित हो सकते हैं।
अमेरिकी प्रशासन ने एक कड़े कदम उठाते हुए चेन्नई में स्थापित आईटी दिग्गज कॉग्निजेंट (Cognizant) और सॉफ्टवेयर फर्म क्लाउडरा (Cloudera) की स्थायी श्रम प्रमाणन (PERM) फाइलिंग को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई रोजगार वीजा कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी और दुरुपयोग की व्यापक जांच के बीच की गई है।
अमेरिकी श्रम विभाग के महानिरीक्षक एंथनी डी'एस्पोसिटो ने इस निलंबन की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिकी श्रमिकों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़े शब्दों में कहा कि अधिकारी "तथ्यों, धोखाधड़ी और वित्त" का बारीकी से पीछा कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि ट्रंप प्रशासन की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का हिस्सा है। कॉग्निजेंट जैसे बड़े नियोक्ताओं पर निर्भर भारतीय इंजीनियरों के लिए PERM प्रक्रिया ग्रीन कार्ड की ओर पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यदि यह निलंबन लंबा खिंचता है, तो यह न केवल वर्तमान कर्मचारियों के करियर को प्रभावित करेगा, बल्कि भविष्य में भारतीय प्रतिभाओं के अमेरिका जाने के रुझान को भी कम कर सकता है।
"वीजा नियमों में यह सख्ती संकेत देती है कि अमेरिकी सरकार अब आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से होने वाले श्रम बाजार के हेरफेर को पूरी तरह समाप्त करना चाहती है।"
ऐतिहासिक रूप से, कॉग्निजेंट ने बड़ी संख्या में H-1B वीजा का उपयोग किया है। हालांकि हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2020 में 9,413 की तुलना में जून 2026 तक स्वीकृत याचिकाओं की संख्या घटकर 3,510 रह गई है। इसके बावजूद, कंपनी अभी भी विदेशी पेशेवरों के लिए एक प्रमुख नियोक्ता बनी हुई है।
PERM (Program Electronic Review Management) वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से अमेरिकी नियोक्ता यह प्रमाणित करता है कि उसने स्थानीय बाजार में योग्य अमेरिकी श्रमिकों की तलाश की, लेकिन कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला, जिससे विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करना अनिवार्य हो गया।
| विवरण | कॉग्निजेंट (Cognizant) | क्लाउडरा (Cloudera) |
|---|---|---|
| स्थापना स्थान | चेन्नई, भारत | बर्लिंगम, कैलिफोर्निया |
| मुख्य प्रभाव | भारी संख्या में भारतीय कर्मचारी | सॉफ्टवेयर/डेटा सर्विसेज प्रोफेशनल्स |
| वर्तमान स्थिति | PERM फाइलिंग निलंबित | PERM फाइलिंग निलंबित |
Frequently Asked Questions
1. क्या सभी भारतीय कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड रद्द हो गए हैं?
नहीं, वर्तमान में केवल नई PERM फाइलिंग को निलंबित किया गया है। मौजूदा आवेदनों पर प्रभाव की विस्तृत जानकारी अभी विभाग ने नहीं दी है।
यह एक प्रमाणन प्रक्रिया है जो सुनिश्चित करती है कि किसी विदेशी को काम पर रखने से अमेरिकी नागरिकों के वेतन और रोजगार के अवसरों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।