ऑस्ट्रेलिया सरकार ने 'डिजिटल ड्यूटी ऑफ केयर' के तहत उपयोगकर्ताओं को एल्गोरिदम-मुक्त फीड चुनने का अधिकार देने की योजना बनाई है। यह कदम ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने और युवाओं को डिजिटल लत से बचाने के लिए उठाया गया है।

  • उपयोगकर्ता अब पर्सनलाइज्ड फीड के बजाय क्रोनोलॉजिकल (समय-आधारित) फीड चुन सकेंगे।
  • 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एडिक्टिव फीचर्स और हानिकारक कंटेंट से बचाने के लिए कड़े नियम।
  • नियमों का पालन न करने वाली टेक कंपनियों पर 79 मिलियन डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सरकार ने 'डिजिटल ड्यूटी ऑफ केयर' (Digital Duty of Care) के लिए ड्राफ्ट लेजिस्लेशन जारी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करना और उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा और फीड पर अधिक नियंत्रण देना है।

'माय फीड, माय वे' (My Feed, My Way) पहल

इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'माय फीड, माय वे' पहल है। वर्तमान में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं, जो उपयोगकर्ता की पिछली पसंद, कमेंट्स और व्यवहार के आधार पर कंटेंट दिखाते हैं। नया कानून कंपनियों को यह अनिवार्य करेगा कि वे उपयोगकर्ताओं को दो विकल्प दें: एक डिफ़ॉल्ट एल्गोरिदम-आधारित फीड और दूसरा एक ऐसा फीड जिसमें केवल उन लोगों के पोस्ट हों जिन्हें उपयोगकर्ता फॉलो करता है, बिना किसी बाहरी हेरफेर के।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल सुविधा के बारे में नहीं है, बल्कि यह 'इको चैंबर' (Echo Chamber) प्रभाव को कम करने की एक कोशिश है। एल्गोरिदम अक्सर उपयोगकर्ताओं को केवल वही दिखाते हैं जो वे देखना चाहते हैं, जिससे उनकी सोच सीमित हो जाती है। जब उपयोगकर्ता एल्गोरिदम से बाहर निकलते हैं, तो वे अधिक विविध और वास्तविक जानकारी प्राप्त कर पाते हैं।

एल्गोरिदम द्वारा संचालित फीड अक्सर 'डूमस्क्रॉलिंग' को बढ़ावा देते हैं, जो सीधे तौर पर मानसिक तनाव और डिजिटल लत से जुड़ा है।

बच्चों की सुरक्षा और कड़े दंड

यह कानून विशेष रूप से 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों पर केंद्रित है। टेक फर्मों को ऐसे फीचर्स हटाने होंगे जो बच्चों में लत पैदा करते हैं। साथ ही, ईटिंग डिसऑर्डर, महिलाओं के प्रति घृणा, अपराध का महिमामंडन और अश्लीलता जैसे हानिकारक कंटेंट को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। eSafety एजेंसी को अब वेबसाइटों और ऐप्स को कंटेंट हटाने के नोटिस भेजने का व्यापक अधिकार मिलेगा।

यदि कंपनियां इन नियमों का पालन करने में विफल रहती हैं, तो उन्हें 79 मिलियन डॉलर (लगभग ₹750 करोड़) तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। यह जुर्माना टेक दिग्गजों को सुरक्षा मानकों के प्रति गंभीर बनाने के लिए लगाया गया है।

ऐतिहासिक संदर्भ और वैश्विक परिदृश्य

यह पहली बार नहीं है जब किसी देश ने टेक कंपनियों को चुनौती दी है। यूरोपीय संघ ने 2022 में डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) लागू किया था, जिसमें समान प्रावधान थे। हाल ही में नीदरलैंड की एक अदालत ने मेटा (Meta) को आदेश दिया कि वह उपयोगकर्ताओं को प्रोफाइलिंग-मुक्त फीड प्रदान करे। अमेरिका में भी मेटा को बच्चों में लत पैदा करने वाले डिजाइन के लिए 16.68 बिलियन डॉलर का समझौता करना पड़ा था।

क्या आप जानते हैं?: 'डूमस्क्रॉलिंग' वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति लगातार नकारात्मक समाचारों को पढ़ता रहता है, भले ही वह उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा हो।
विशेषताएल्गोरिदम फीडऑप्ट-आउट (क्रोनोलॉजिकल) फीड
कंटेंट चयनAI और डेटा आधारितउपयोगकर्ता की पसंद (फॉलोइंग)
अनुभवपर्सनलाइज्ड / एडिक्टिवपारदर्शी / समय-आधारित
जोखिमइको चैंबर / मानसिक तनावकम कंटेंट डिस्कवरी

Frequently Asked Questions

1. क्या यह कानून सेंसरशिप को बढ़ावा देगा?
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के अनुसार, यह सरकार के नियंत्रण के बारे में नहीं, बल्कि लोगों को उनके अपने डेटा और फीड पर नियंत्रण देने के बारे में है।

2. क्या यह नियम केवल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लागू होंगे?
नहीं, यह सभी सोशल मीडिया फर्मों, AI चैटबॉट्स और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा जो ऑस्ट्रेलियाई उपयोगकर्ताओं को सेवाएं देते हैं।