ब्रिटिश सांसद जेरेमी कॉर्बिन ने इजरायल द्वारा उन्हें और अन्य सांसदों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन और सच्चाई को छिपाने की एक हताश कोशिश करार दिया है।

  • इजरायल ने जेरेमी कॉर्बिन सहित 11 ब्रिटिश सांसदों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है।
  • कॉर्बिन ने गाजा में हो रहे नरसंहार और रंगभेद (Apartheid) की नीतियों का पुरजोर विरोध किया।
  • ब्रिटेन सरकार द्वारा अवैध बस्तियों के सामान पर प्रतिबंध लगाने के बाद यह कदम उठाया गया।
  • कॉर्बिन ने ब्रिटिश सरकार से सैन्य सहयोग समाप्त करने और सार्वजनिक जांच की मांग की है।

लंदन के सांसद जेरेमी कॉर्बिन ने इजरायल सरकार के उस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसके तहत उन्हें और 10 अन्य ब्रिटिश सांसदों को इजरायल में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। कॉर्बिन का तर्क है कि यह प्रतिबंध केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह उस अधिनायकवाद का एक छोटा सा नमूना है, जिसका सामना फिलिस्तीनी लोग हर दिन करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल दुनिया की नजरों से अपने युद्ध अपराधों को छिपाने के लिए अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों और संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं को भी रोक रहा है।

कॉर्बिन ने अपने लेख में फिलिस्तीन की जमीनी हकीकत का वर्णन करते हुए कहा कि वहां का जीवन चेकपॉइंट्स, वॉचटॉवर्स और मनमानी गिरफ्तारियों के बीच सिमट गया है। उन्होंने गाजा की नाकाबंदी को अवैध बताते हुए कहा कि इसके कारण बड़े पैमाने पर भुखमरी और विस्थापन हुआ है। उनके अनुसार, इजरायल अब वैश्विक समर्थन खो रहा है, इसलिए वह ऐसे 'बेतुके और हताश' कदम उठा रहा है ताकि बाहरी दुनिया वहां की वास्तविक स्थिति न देख सके।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह घटना केवल एक सांसद के यात्रा प्रतिबंध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ब्रिटेन और इजरायल के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव को दर्शाती है। जब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने इजरायल की उपस्थिति को अवैध घोषित किया, तो पश्चिमी देशों पर दबाव बढ़ा। यह प्रतिबंध इस बात का प्रमाण है कि इजरायल अब अंतरराष्ट्रीय कानूनी जवाबदेही से बचने के लिए आक्रामक रुख अपना रहा है।

इजरायल द्वारा सांसदों पर प्रतिबंध लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन को छिपाने की एक कोशिश है।

कॉर्बिन ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रतिबंध ब्रिटेन सरकार द्वारा अवैध बस्तियों से आने वाले सामानों पर लगाए गए प्रतिबंधों की प्रतिक्रिया है। उन्होंने मांग की कि ब्रिटेन को केवल सामानों पर ही नहीं, बल्कि इजरायल के साथ सभी प्रकार के सैन्य सहयोग, विशेष रूप से F-35 घटकों की बिक्री और निगरानी उड़ानों को तुरंत बंद करना चाहिए।

ऐतिहासिक संदर्भ में देखें तो, फिलिस्तीन और इजरायल का संघर्ष दशकों पुराना है, लेकिन हाल के वर्षों में 'रंगभेद' (Apartheid) के आरोपों ने इसे वैश्विक स्तर पर एक मानवाधिकार मुद्दा बना दिया है। कॉर्बिन का मानना है कि शांति का एकमात्र रास्ता कब्जे का अंत और एक स्वतंत्र फिलिस्तीन की स्थापना है।

क्या आप जानते हैं?: जुलाई 2024 में, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने आधिकारिक तौर पर यह फैसला सुनाया था कि फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायल की उपस्थिति अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इजरायल ने ब्रिटिश सांसदों को प्रतिबंधित क्यों किया?
इजरायल ने यह कदम संभवतः ब्रिटेन द्वारा अवैध बस्तियों के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने और सांसदों द्वारा गाजा व वेस्ट बैंक की वास्तविक स्थिति को उजागर करने की कोशिशों के जवाब में उठाया है।

p>प्रश्न 2: जेरेमी कॉर्बिन की मुख्य मांगें क्या हैं?
कॉर्बिन चाहते हैं कि ब्रिटेन सरकार गाजा में हो रहे नरसंहार को मान्यता दे, सैन्य सहयोग समाप्त करे और ब्रिटिश मिलीभगत की सार्वजनिक जांच कराए।