यमन के इरान‑समर्थित हौथी समूह ने बाब‑एल‑मंदेब जलडमरूमध्य में स्थित पेरिम द्वीप को कब्जा कर लिया है, जिससे सऊदी अरब और अमेरिका के बीच तेल की आपूर्ति में नया तनाव उत्पन्न हो सकता है। इस कदम से ईरान को रणनीतिक लाभ मिल सकता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ेगा।
- हौथी ने पेरिम द्वीप और धुबाब शहर पर नियंत्रण स्थापित किया
- बाब‑एल‑मंदेब जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण से ईरान को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है
- सऊदी की ईस्ट‑वेस्ट पाइपलाइन के आसपास धुंधली तस्वीरें संभावित हमले का संकेत देती हैं
यमन के इरान‑समर्थित हौथी समूह ने शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को बाब‑एल‑मंदेब जलडमरूमध्य के रणनीतिक पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया, जैसा कि चार यमनी सरकारी स्रोतों ने रॉयटर्स को बताया। इस कदम से हौथी की समुद्री मार्गों पर पकड़ मजबूत हुई और वे रेड सी के प्रमुख शिपिंग लेन को नियंत्रित करने की दिशा में आगे बढ़े।
पेरिम द्वीप के साथ ही हौथी ने धुबाब नामक रेड सी के तटवर्ती शहर को भी अपने कब्जे में ले लिया, जहाँ से वे द्वीप तक आसानी से पहुँच सकते हैं। यह क्षेत्र सऊदी अरब के ईस्ट‑वेस्ट तेल पाइपलाइन का मुख्य बिंदु है, जो हार्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद कच्चे तेल को यूरोप और एशिया तक पहुँचाने का वैकल्पिक मार्ग बन गया है।
यदि हौथी पूरे बाब‑एल‑मंदेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित कर लेते हैं, तो यह ईरान को संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ युद्ध में एक महत्वपूर्ण लाभ देगा। इस मार्ग से गुजरने वाले तेल की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो सकती है, जिससे विश्व तेल कीमतें तेजी से बढ़ेंगी।
सऊदी अरब ने इस क्षेत्र में धुएँ के संकेत देखे, जो ईस्ट‑वेस्ट पाइपलाइन के पास दिखे। हालांकि सऊदी सरकार ने अभी तक किसी घटना की पुष्टि नहीं की, लेकिन इस संकेत से पाइपलाइन पर संभावित हमले या तकनीकी समस्या का संदेह बढ़ता है।
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने बताया कि अगस्त में सऊदी कच्चे तेल की आपूर्ति 2.3 मिलियन बैरल प्रति दिन घटकर 6 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गई, जो तीन दशकों में सबसे कम स्तर है। यह गिरावट हौथी द्वारा बाब‑एल‑मंदेब में शिपिंग को लक्षित करने के कारण भी है।
यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने घोषणा की है कि वह पेरिम और धुबाब को पुनः कब्जे में लेने के लिए काउंटर‑ऑफेंसिव शुरू करेगी। इस अभियान में उन्नत हथियारों और हवाई समर्थन का उपयोग किया जाएगा, ताकि हौथी की समुद्री शक्ति को रोक सकें।
Historical Background
बाब‑एल‑मंदेब जलडमरूमध्य प्राचीन काल से विश्व व्यापार का प्रमुख मार्ग रहा है, जहाँ हर साल लाखों बैरल तेल और सामान्य माल ले जाए़ जाते हैं। 1970 के दशक में सऊदी ने इस जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने के लिए कई सैन्य तैनात किए, लेकिन हालिया संघर्षों ने इस स्थिरता को चुनौती दी है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that हौथी की इस प्रगति से न केवल मध्य‑पूर्व में भू‑राजनीतिक संतुलन बदल सकता है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी, जिससे विकसित और विकासशील दोनों अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव पड़ेगा।
"बाब‑एल‑मंदेब पर हौथी का नियंत्रण वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक बड़ा जोखिम कारक बन सकता है," कहते हैं अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अली हसन।
Frequently Asked Questions
हौथी ने पेरिम द्वीप को कैसे कब्जा किया? हौथी ने तेज़ी से चलाए गए रॉकेट और बख्तरबंद वाहन के साथ द्वीप की रक्षा को तोड़ दिया और बिना बड़े प्रतिरोध के कब्जा कर लिया।
क्या यह घटना सऊदी की ईस्ट‑वेस्ट पाइपलाइन को प्रभावित करेगी? यदि हौथी इस जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लेता है, तो पाइपलाइन की सुरक्षा जोखिम में आ सकती है, जिससे सऊदी को वैकल्पिक निर्यात मार्ग खोजने पड़ सकते हैं।