इजरायली रक्षा बलों ने लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र में हिजबुल्लाह के एक रणनीतिक भूमिगत परिसर को 1,000 टन विस्फोटकों से उड़ा दिया, जिससे क्षेत्र में भूकंप जैसे झटके महसूस किए गए।
- इजरायल ने अली ताहिर रिज के नीचे 2 किमी से अधिक लंबी दो सुरंगों को नष्ट किया।
- विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने इसे 4.1 तीव्रता के भूकंप के बराबर दर्ज किया।
- बेस में रॉकेट, मिसाइलें, ड्रोन और कमांड सेंटर सहित भारी मात्रा में हथियार मिले।
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह द्वारा संचालित एक विशाल भूमिगत सैन्य परिसर को पूरी तरह नष्ट करने का दावा किया है। सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 1,000 टन से अधिक विस्फोटकों का उपयोग किया गया, जिससे अली ताहिर रिज के नीचे स्थित दो प्रमुख सुरंगें, जिनकी कुल लंबाई 2 किलोमीटर से अधिक थी, मलबे में तब्दील हो गईं।
इस विनाशकारी विस्फोट का प्रभाव इतना व्यापक था कि इसे केवल एक सैन्य हमला नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक आपदा की तरह महसूस किया गया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने पुष्टि की है कि इस विस्फोट से उत्पन्न भूकंपीय गतिविधि 4.1 तीव्रता के भूकंप के समान थी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धमाके के समय आसमान रोशनी से भर गया और जमीन इतनी जोर से हिली कि लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए और बेरूत की ओर पलायन करने लगे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक बुनियादी ढांचे का विनाश नहीं है, बल्कि हिजबुल्लाह की रणनीतिक क्षमता पर एक बड़ा प्रहार है। यह बेस दो दशकों की योजना और ईरानी फंडिंग का परिणाम था, जो इस क्षेत्र में हिजबुल्लाह की दीर्घकालिक सैन्य उपस्थिति को दर्शाता है। इस बेस के नष्ट होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में इजरायल की पकड़ मजबूत होगी और 'सुरक्षा क्षेत्र' (Security Zone) की स्थापना में मदद मिलेगी।
यह ऑपरेशन दर्शाता है कि इजरायल अब केवल सतह पर हमला नहीं कर रहा, बल्कि हिजबुल्लाह के उस गहरे नेटवर्क को जड़ से मिटाने की रणनीति अपना रहा है जिसे दशकों में बनाया गया था।
IDF के अनुसार, इस भूमिगत बुनियादी ढांचे में हिजबुल्लाह की बद्र यूनिट का एक कमांड सेंटर शामिल था। तलाशी के दौरान यहां दर्जनों रॉकेट, मिसाइलें, मानव रहित हवाई वाहन (UAV), एंटी-टैंक हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए। इजरायल का दावा है कि इस ऑपरेशन के दौरान अंदर मौजूद सभी आतंकवादी या तो मारे गए या वहां से भागने पर मजबूर हुए।
ऐतिहासिक रूप से, लेबनान और इजरायल के बीच तनाव मार्च से चरम पर है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 4,362 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हालांकि जून में ईरान और अमेरिका के बीच एक युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन जमीनी स्तर पर इजरायली हमले और विध्वंस कार्य जारी हैं।
| विवरण | इजरायली दावा | क्षेत्रीय प्रभाव |
|---|---|---|
| विस्फोटक मात्रा | 1,000+ टन | 4.1 तीव्रता का भूकंपीय प्रभाव |
| सुरंग की लंबाई | 2 किमी से अधिक | रणनीतिक कमांड सेंटर का विनाश |
| हथियार बरामदगी | रॉकेट, ड्रोन, मिसाइलें | हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता में कमी |
Frequently Asked Questions
1. क्या इस विस्फोट से जान-माल का नुकसान हुआ?
इजरायल का दावा है कि बेस के अंदर मौजूद आतंकवादी मारे गए, जबकि स्थानीय निवासी दहशत में थे और बड़ी संख्या में क्षेत्र छोड़कर चले गए।
2. क्या लेबनान और इजरायल के बीच कोई समझौता हुआ है?
हाँ, एक ढांचागत समझौता हुआ है जिसके तहत हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण और इजरायली सेना की धीरे-धीरे वापसी की बात कही गई है, लेकिन हिजबुल्लाह ने प्रत्यक्ष बातचीत को खारिज कर दिया है।