ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI5 के प्रमुख केन मैकालम ने चेतावनी दी है कि अगला बड़ा सुरक्षा झटका वहां से आ सकता है जहां सुरक्षा एजेंसियां देख नहीं रही हैं। उन्होंने पुराने खतरों से आगे बढ़कर नई रणनीतियों को अपनाने पर जोर दिया है।
- MI5 प्रमुख ने चेतावनी दी कि अगला रणनीतिक झटका 9/11 जैसा नहीं होगा, लेकिन उतना ही विनाशकारी हो सकता है।
- अल-कायदा और अन्य चरमपंथी समूह अभी भी बड़े पैमाने पर जनहानि करने वाले हमलों की योजना बना रहे हैं।
- राज्य-प्रायोजित साइबर हमले और बुनियादी ढांचे की तोड़फोड़ अब प्रमुख सुरक्षा खतरे बन चुके हैं।
- निजी क्षेत्र और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की तत्काल आवश्यकता है।
ब्रिटेन की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी MI5 के महानिदेशक केन मैकालम ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि खुफिया सेवाओं को पिछले खतरों पर बहुत अधिक निर्भर नहीं रहना चाहिए, क्योंकि एक नया रणनीतिक झटका, जो 9/11 के हमलों की तरह विनाशकारी हो सकता है, शायद किसी ऐसी जगह तैयार हो रहा है जिसकी कल्पना भी नहीं की गई है।
यह बयान 9/11 हमलों की 25वीं बरसी के अवसर पर एक लेख के माध्यम से आया। मैकालम ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा एजेंसियों को वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों के अनुसार खुद को ढालना होगा। उन्होंने तर्क दिया कि सबसे बड़ी गलती 'कल के दुश्मन' से 'कल के तरीकों' से लड़ना होगा, जबकि दुश्मन अपनी रणनीति बदल चुका है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the nature of global terrorism has shifted from centralized command structures to decentralized, state-backed hybrid warfare. The integration of cyber-capabilities with physical sabotage means that a 'strategic shock' could now disable an entire city's power grid or financial system without a single bomb being detonated.
मैकालम ने उल्लेख किया कि हालांकि अल-कायदा अब पहले की तुलना में कमजोर हुआ है, लेकिन बड़े पैमाने पर हत्याओं की उनकी आकांक्षा अभी भी बनी हुई है। उन्होंने हाल ही में मैनचेस्टर में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाले एक विफल Islamist षड्यंत्र का उदाहरण दिया, जो यह साबित करता है कि खतरा अभी भी वास्तविक है।
"हम कल के दुश्मन से लड़ने के लिए शानदार तैयारी कर सकते हैं, लेकिन असली खतरा वहां है जहां हम अभी तक देख नहीं रहे हैं।"
वर्तमान समय में खतरा केवल आतंकवाद तक सीमित नहीं है। MI5 प्रमुख ने राज्य-प्रायोजित आक्रामकता, जिसमें आपराधिक प्रॉक्सी द्वारा की गई तोड़फोड़ और बिजली स्टेशनों पर साइबर हमले शामिल हैं, पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जोर दिया कि अब कई महत्वपूर्ण सेवाएं निजी क्षेत्र के हाथों में हैं, इसलिए सरकार, व्यवसायों और शिक्षा जगत को मिलकर काम करना होगा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: MI5 प्रमुख के अनुसार अगला हमला कैसा हो सकता है?
उत्तर: उनके अनुसार, अगला हमला पिछले हमलों (जैसे 9/11) जैसा नहीं होगा और यह किसी ऐसे क्षेत्र या तरीके से आ सकता है जिसकी सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक पहचान नहीं की है।
प्रश्न 2: राज्य-प्रायोजित खतरों से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: इसका तात्पर्य उन हमलों से है जिन्हें किसी देश की सरकार का समर्थन प्राप्त होता है, जैसे साइबर हमले या जासूसी गतिविधियां।