दक्षिण अफ्रीका में प्रवासियों, विशेषकर नाइजीरियाई नागरिकों के खिलाफ बढ़ते हिंसक हमलों के विरोध में नाइजीरियाई संसद ने सभी आधिकारिक दौरों और वर्चुअल बैठकों पर रोक लगा दी है।
- नाइजीरियाई नेशनल असेंबली ने दक्षिण अफ्रीका के साथ सभी आधिकारिक यात्राओं और वर्चुअल जुड़ावों को निलंबित कर दिया है।
- 2022 से अब तक भीड़ द्वारा किए गए हमलों और नफरत आधारित हिंसा में कम से कम 98 नाइजीरियाई मारे गए हैं।
- दक्षिण अफ्रीका में बेरोजगारी और कमजोर सामाजिक सेवाओं के कारण प्रवासियों को निशाना बनाया जा रहा है।
- लगभग 1.78 लाख प्रवासियों को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा या उन्हें निर्वासित किया गया।
नाइजीरिया की संसद ने दक्षिण अफ्रीका में प्रवासियों, विशेष रूप से नाइजीरियाई नागरिकों के खिलाफ जारी हिंसा के कड़े विरोध में एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। निचले सदन के प्रवक्ता अकिन रोटिमि ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि नेशनल असेंबली, इसकी समितियों, सांसदों और अधिकारियों की दक्षिण अफ्रीका की सभी आधिकारिक यात्राएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई हैं।
यह प्रतिबंध केवल शारीरिक यात्राओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सभी वर्चुअल जुड़ाव भी शामिल हैं। यह निर्णय दक्षिण अफ्रीका में पिछले कई महीनों से चल रहे विदेशी-विरोधी विरोध प्रदर्शनों का परिणाम है, जिसने हजारों प्रवासियों को अपना घर और व्यवसाय छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। नेशनल असेंबली के क्लर्क कामरू ओगुनलान ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नाइजीरियाई नागरिकों की हत्या, चोट और उनके निवेशों के विनाश को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this diplomatic freeze signals a breakdown in trust between two of Africa's most influential economies. While South Africa is an industrial powerhouse, its internal socio-economic failures—such as skyrocketing unemployment and crumbling infrastructure—are being unfairly projected onto migrant populations. This creates a dangerous precedent where diplomatic relations are held hostage by domestic populist violence.
"The suspension of diplomatic visits is a desperate but necessary signal to Pretoria that the safety of foreign nationals is a non-negotiable pillar of international relations."
हालिया घटनाओं में, डरबन में कांगोई नागरिकों के शिविरों पर हमले हुए, जहां प्रदर्शनकारियों ने लोगों को उनके घरों से घसीटकर पुलिस वैन तक पहुंचाया। जून में, दो नाइजीरियाई नागरिकों की हत्या कर दी गई, जिनमें से एक की हत्या का आरोप पुलिस अधिकारियों पर है। नाइजीरिया के विदेश राज्य मंत्री सोला एनिकानोलाईये ने दक्षिण अफ्रीकी विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला के साथ बैठक में खुलासा किया कि 2022 से अब तक 98 नाइजीरियाई हिंसा का शिकार हुए हैं।
दक्षिण अफ्रीका की सरकार और प्रवासी देशों के आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया है। जहां दक्षिण अफ्रीका का दावा है कि लगभग 90,000 लोग वापस गए हैं, वहीं अन्य देशों के आंकड़े इस संख्या को 1,78,000 तक बताते हैं। यह विसंगति स्थिति की गंभीरता और पारदर्शिता की कमी को दर्शाती है।
| विवरण | दक्षिण अफ्रीकी सरकारी आंकड़ा | प्रवासी देशों का आंकड़ा |
|---|---|---|
| वापस लौटे/निर्वासित लोग | ~90,000 | ~1,78,000 |
| नाइजीरियाई मौतें (2022 से) | सीमित रिपोर्ट | 98+ |
Frequently Asked Questions
1. नाइजीरिया ने दौरों पर प्रतिबंध क्यों लगाया?
दक्षिण अफ्रीका में नाइजीरियाई नागरिकों और अन्य प्रवासियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और हत्याओं के विरोध में यह कदम उठाया गया है।
2. क्या कानूनी दस्तावेज वाले लोग भी सुरक्षित नहीं हैं?
जी नहीं, रिपोर्टों के अनुसार, कानूनी दस्तावेज रखने वाले प्रवासियों को भी हिंसा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है।