सीजफायर कराने के लिए स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर का मॉस्को दौरा पूरी तरह विफल रहा, जिसके तुरंत बाद रूस ने कीव पर भीषण हमले शुरू कर दिए।
- अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पर 'नौसिखिया' और 'शर्मनाक' कूटनीति का आरोप।
- अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के प्रस्थान के तुरंत बाद रूस ने कीव पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें चार नागरिक मारे गए।
- क्रेमलिन ने स्पष्ट किया कि कोई भी शांति समझौता केवल रूस की शर्तों पर होगा।
- रूस ने यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) के मुख्यालय सहित उच्च अधिकारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम कराने के डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के नवीनतम प्रयास ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के दौरे को 'नौसिखिया' और 'शर्मनाक' बताया जा रहा है, क्योंकि इस दौरे का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला, बल्कि इसने रूस को अपनी आक्रामकता बढ़ाने का मौका दे दिया।
यह कूटनीतिक मिशन यूरोपीय सहयोगियों के साथ समन्वय की कमी के कारण विवादों में रहा। रिपोर्टों के अनुसार, विटकॉफ ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की खुलेआम प्रशंसा की, जिसे अमेरिकी कूटनीति की कमजोरी के रूप में देखा गया। दूतों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यूक्रेन ने 5 से 7 सितंबर के बीच मॉस्को पर मिसाइल और ड्रोन हमले रोक दिए थे, और रूस ने भी कीव में उनके प्रवास के दौरान हमले स्थगित कर दिए थे। लेकिन जैसे ही अमेरिकी अधिकारी वापस लौटे, यह शांति समाप्त हो गई।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह विफलता अमेरिकी प्रशासन के एकतरफा दृष्टिकोण और यूरोपीय संघ एवं यूक्रेन की रणनीतिक जरूरतों के बीच एक खतरनाक अंतर को उजागर करती है। सहयोगियों को दरकिनार कर केवल 'व्यक्तिगत संबंधों' के आधार पर बातचीत करने से क्रेमलिन को यह संकेत मिल सकता है कि पश्चिमी देशों में मतभेद हैं, जिससे पुतिन का मनोबल और बढ़ सकता है।
"जमीनी स्तर पर मजबूत स्थिति के बिना, केवल अल्टीमेटम ही मिलेंगे," राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने चेतावनी देते हुए कहा कि केवल युद्धक्षेत्र की ताकत ही मॉस्को को बातचीत के लिए मजबूर कर सकती है।
दौरे के बाद का परिणाम भयानक था। 8 और 9 सितंबर को रूस ने कीव पर ड्रोन और मिसाइलों की बौछार कर दी, जिसमें कम से कम चार नागरिक मारे गए। इसके साथ ही, रूस ने अब यूक्रेन के उच्च अधिकारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) के प्रमुख ओलेक्सांद्र पोक्लाड के कार्यालय को एक जेट-पावर्ड गेरान-4 ड्रोन से निशाना बनाया गया, जो कीव के भीतर रूसी जासूसी नेटवर्क की मौजूदगी को दर्शाता है।
एक और चौंकाने वाली घटना मोल्दोवा की राजधानी चिसिनाउ में हुई, जहां राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की, उनकी पत्नी ओलेना और मोल्दोवन प्रीमियर माया सैंडू को ले जा रहा विमान रनवे पर रूसी हमले की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। यह घटना दर्शाती है कि अब रूस को अमेरिकी मध्यस्थों की उपस्थिति का कोई डर नहीं है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इस युद्ध में क्षेत्रीय नियंत्रण में कई बदलाव आए हैं। खार्किव आक्रमण के बाद, यूक्रेन ने 11,500 वर्ग किमी क्षेत्र वापस लिया। बाद में, रूस खेरसॉन क्षेत्र के दाहिने तट से 8,000 वर्ग किमी क्षेत्र से पीछे हट गया। हालांकि रूस ने शुरुआत में यूक्रेन के एक चौथाई से अधिक हिस्से पर कब्जा कर लिया था, लेकिन अब यह घटकर पांचवें हिस्से से भी कम रह गया है। रूसी सैन्य नुकसान 15 लाख कर्मियों तक पहुंचने का अनुमान है।
| चरण | यूक्रेन की कार्रवाई | रूस की प्रतिक्रिया |
|---|---|---|
| कूटनीतिक खिड़की | मॉस्को पर हमले रोके | कीव पर हमले स्थगित किए |
| दौरे के बाद | युद्धक्षेत्र में ताकत की मांग | राजधानी पर बड़े हमले किए |
| रणनीतिक लक्ष्य | कब्जे वाले क्षेत्रों की वापसी | SBU और राष्ट्रपति विमान को निशाना बनाया |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: अमेरिकी दूतों को 'नौसिखिया' क्यों कहा जा रहा है?
उत्तर: यूरोपीय सहयोगियों के साथ समन्वय की कमी और पुतिन की अत्यधिक प्रशंसा को कूटनीतिक अक्षमता के रूप में देखा जा रहा है।
प्रश्न: विटकॉफ-कुशनर मिशन का परिणाम क्या रहा?
उत्तर: यह मिशन युद्धविराम कराने में विफल रहा और इसके तुरंत बाद रूस ने यूक्रेनी नागरिकों और अधिकारियों पर हमलों को तेज कर दिया।