इरिट्रिया ने इथियोपिया पर हॉर्न ऑफ अफ्रीका में अस्थिरता पैदा करने और शासन परिवर्तन के लिए छद्म समूहों को वित्तपोषित करने का आरोप लगाया है। दोनों पड़ोसियों के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • इरिट्रिया ने इथियोपिया पर युद्ध के उन्माद और अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है।
  • अस्साब बंदरगाह को लेकर दोनों देशों के बीच पुराना विवाद फिर से गहरा गया है।
  • इरिट्रिया ने इथियोपिया पर सूडान के RSF समूहों को समर्थन देने का भी दावा किया है।

अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इरिट्रिया के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए इथियोपिया पर पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने का गंभीर आरोप लगाया है। इरिट्रिया का कहना है कि जहां उन्होंने 'रणनीतिक धैर्य' बनाए रखा है, वहीं अदीस अबाबा (इथियोपिया की राजधानी) पिछले तीन वर्षों से युद्ध के उन्माद को लगातार बढ़ावा दे रही है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संघर्ष का उदय

इरिट्रिया और इथियोपिया का इतिहास रक्तपात और कूटनीतिक उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। 1993 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद, दोनों देशों के बीच 1998 से 2000 के बीच हुए भीषण युद्ध में हजारों लोग मारे गए थे। हालांकि, 2018 में अबी अहमद के सत्ता में आने के बाद संबंधों में सुधार हुआ था, जिसके लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार भी मिला था। लेकिन, टिग्रे संघर्ष के दौरान इरिट्रियाई सेना की इथियोपियाई सेना के साथ भागीदारी के बाद से संबंधों में फिर से दरार आ गई है।

वर्तमान विवाद का मुख्य केंद्र इथियोपिया की भू-आबद्ध (landlocked) स्थिति और अस्साब बंदरगाह पर उसकी कथित महत्वाकांक्षाएं हैं। इरिट्रिया का आरोप है कि इथियोपिया अंतरराष्ट्रीय संधियों को चुनौती दे रहा है और इरिट्रिया के खिलाफ 'शासन परिवर्तन' के एजेंडे के साथ उपद्रवी समूहों को प्रशिक्षित और वित्तपोषित कर रहा है।

बोजोकमीडिया विश्लेषण: भू-राजनीतिक प्रभाव

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह केवल दो देशों के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि पूरे हॉर्न ऑफ अफ्रीका की स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। इथियोपिया द्वारा सूडान के रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) को समर्थन देने के आरोप ने इस आग में घी डालने का काम किया है, जो पहले से ही एक विनाशकारी गृहयुद्ध से जूझ रहा है।

इरिट्रिया का यह आरोप कि इथियोपिया छद्म युद्ध (proxy war) का उपयोग कर रहा है, क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

इथियोपिया के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने इन आरोपों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद की संभावनाएं फिलहाल नगण्य हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. इरिट्रिया और इथियोपिया के बीच विवाद का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य रूप से अस्साब बंदरगाह तक पहुंच और सीमा विवाद के साथ-साथ क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई इसका कारण है।

2. क्या इस तनाव का असर सूडान पर पड़ेगा?
हाँ, इरिट्रिया का आरोप है कि इथियोपिया सूडान के RSF समूहों को समर्थन दे रहा है, जो सूडान के गृहयुद्ध को और जटिल बना सकता है।

Did You Know?: इथियोपिया दुनिया का एकमात्र अफ्रीकी देश है जो कभी किसी यूरोपीय शक्ति का उपनिवेश नहीं रहा।