ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इज़राइल पर 'राज्य आतंकवाद' का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें दुनिया का असली आतंकवादी बताया है। उन्होंने रूस और चीन के साथ संबंधों को मजबूत करने और भारत के साथ संबंध गहराने की इच्छा भी व्यक्त की है।
- राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इज़राइल पर 'राज्य आतंकवाद' का आरोप लगाया।
- रूस और चीन को ईरान का मित्र बताया गया।
- भारत के साथ संबंधों को और गहरा करने की इच्छा जताई।
- सुप्रीम लीडर के स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी अफवाहों का खंडन किया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने एक हालिया साक्षात्कार में वैश्विक राजनीति के केंद्र में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिका और इज़राइल की सैन्य और रणनीतिक गतिविधियों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें 'राज्य आतंकवाद' (State Terrorism) का दोषी ठहराया है। पेज़ेश्कियन ने कहा, "वे दुनिया के असली आतंकवादी हैं," और क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे सैन्य हमलों और हत्याओं की निंदा की।
इंटरव्यू के दौरान, राष्ट्रपति ने रूस और चीन से मिलने वाली सैन्य और तकनीकी सहायता के आरोपों का सामना किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि "रूस और चीन दोस्त हैं" और ईरान के साथ उनके संबंध रणनीतिक मित्रता पर आधारित हैं। इसके साथ ही, उन्होंने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की अपनी आकांक्षा को भी दोहराया, जो दक्षिण एशिया में ईरान की संतुलित विदेश नीति का संकेत है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पेज़ेश्कियन का यह बयान मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण है। ईरान द्वारा अमेरिका और इज़राइल को सीधे तौर पर 'आतंकवादी' कहना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक आक्रामक रुख को दर्शाता है, जो क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा सकता है।
ईरान का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनी संप्रभुता और रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरान की आंतरिक शक्ति पर चर्चा करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि देश की प्रतिरोधक क्षमता बाहरी तकनीक से नहीं, बल्कि उसके लोगों की एकता और निरंतरता से आती है। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया जो ईरान के सर्वोच्च नेता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चल रही थीं। उन्होंने पुष्टि की कि सर्वोच्च नेता जीवित हैं और अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं।
शासन और सत्ता के हस्तांतरण के प्रश्न पर, पेज़ेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान की राजनीतिक संरचना में सर्वोच्च नेता के पास अंतिम निर्णय लेने का अधिकार बना हुआ है। उन्होंने अंत में जोर देकर कहा कि ईरान दुनिया की तानाशाही शक्तियों द्वारा देश को अलग-थलग करने के किसी भी प्रयास का डटकर मुकाबला करेगा।
Frequently Asked Questions
1. पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इज़राइल पर क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने उन पर 'राज्य आतंकवाद' का आरोप लगाया है और कहा है कि वे क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाले असली आतंकवादी हैं।
2. ईरान के संबंध भारत के साथ कैसे हैं?
राष्ट्रपति ने भारत के साथ संबंधों को और अधिक गहरा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की है।