ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि पाकिस्तान और ओमान के साथ हुए कूटनीतिक प्रयास तेहरान की वजह से नहीं टुटे। उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंध हटने और आक्रमण बंद होने पर वार्ता फिर से शुरू करने की इच्छा जताई, और ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बातचीत पर प्रकाश डाला।

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  • तेहरान ने पाकिस्तान-ओमान वार्ता की विफलता को खुद की गलती नहीं माना।
  • ईरान ने प्रतिबंध हटने पर परमाणु मुद्दे पर NPT के ढांचे में बातचीत करने की इच्छा जताई।
  • ओमान के साथ चल रही बातचीत का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय मानकों के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने शनिवार को इंडिया टुडे के विदेशी मामलों के समूह संपादक गीता मोहन के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि पाकिस्तान और ओमान के बीच हुई कूटनीतिक कोशिशें तेहरान की वजह से नहीं टुटीं। उन्होंने कहा कि ईरान यू.एस. के प्रतिबंधों और आक्रमण को समाप्त करने पर ही संवाद के लिए तैयार है।

पाकिस्तान-ओमान मध्यस्थता की वार्ता के समाप्त होने के बाद कई प्रश्न उठे थे कि क्यों पहले का समझौता लिखित रूप में नहीं बना रहा। पेज़ेश्कियन ने स्पष्ट किया, “इंसाफ़ाबाद में हमने जो लिख लिया था, वह ठीक था, पर फिर भी समझौते को टाल दिया गया।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान ने कभी भी संघर्ष शुरू नहीं किया और यदि अमेरिका अपनी नीतियों को बदल दे तो ईरान भी अमेरिकी हमलों को रोक देगा।

तेहरान की मुख्य शर्तें स्पष्ट थीं: अमेरिकी प्रतिबंधों का समाप्त होना और ईरान के खिलाफ सभी सैन्य हमलों का अंत। पेज़ेश्कियन ने कहा, “उनको प्रतिबंध समाप्त करने चाहिए, तभी भरोसे का माहौल फिर से स्थापित हो सकता है।” यह शर्तें पहले की कई वार्ताओं में भी दोहराई गई थीं, पर समझौते बाद में निरस्त हो गए।

परमाणु मुद्दे पर ईरान ने कहा कि वह परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के ढांचे में और अंतरराष्ट्रीय मान्य सिद्धांतों के तहत बातचीत करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछले वार्ताओं में अक्सर समझौते लिखे गए, पर बाद में उन्हें छोड़ दिया गया, जिससे ईरान के भरोसे में दरार आई।

संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति (उस समय के) डोनाल्ड ट्रम्प के साथ सीधी बातचीत के सवाल पर पेज़ेश्कियन ने कहा कि यह “आसान नहीं” है। उन्होंने ईरान के नेता की हत्या और जन sentiment के प्रभाव को कारण बताया। उन्होंने कहा, “भरोसे का माहौल फिर से बनना चाहिए, तभी हम सीधे बातचीत पर विचार कर सकते हैं।”

ओमान के साथ चल रही समुद्री ढाँचा वार्ता का लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत खोलना है। पेज़ेश्कियन ने बताया कि यदि अमेरिकी नौसैनिक ब्लॉक को हटाया जाए तो जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पुनः खोला जा सकता है। यह मार्ग विश्व तेल परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ईरान और यू.एस. के बीच तनाव 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से लगातार बना रहा है। 2015 में इरानी परमाणु समझौता (JCPOA) ने एक अवधि के लिए तनाव को कम किया, पर 2018 में अमेरिकी एकतरफा प्रतिबंधों ने फिर से तनाव को बढ़ा दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो विश्व तेल की 20% से अधिक आपूर्ति का मार्ग है, कई बार सैन्य तनाव का केंद्र रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यदि ईरान और ओमान सफलतापूर्वक जलडमरूमध्य को खोलने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ढाँचा स्थापित कर लेते हैं, तो यह न केवल मध्य पूर्व में आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता को भी कम करेगा। साथ ही, ईरान के प्रतिबंधों के हटने की संभावनाएँ अमेरिकी-ईरानी कूटनीति को नई दिशा दे सकती हैं।

"होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और खुलापन क्षेत्रीय शांति के लिए एक प्रमुख संकेतक है," अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा ने कहा।
Did You Know?: होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से वैश्विक तेल कीमतों में 5-7% तक की वृद्धि हो सकती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या ईरान वास्तव में यू.एस. के साथ सीधे बातचीत के लिए तैयार है?

उत्तर: ईरान ने कहा है कि वह तभी सीधे वार्ता करेगा जब अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएँ और भरोसे का माहौल पुनः स्थापित हो।

प्रश्न 2: ओमान के साथ जलडमरूमध्य की बातचीत का क्या परिणाम हो सकता है?

उत्तर: सफल होने पर होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत फिर से खुल सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति में स्थिरता आएगी।