ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकी आक्रामकता ने ईरान के लोगों को और अधिक एकजुट कर दिया है। उन्होंने पश्चिमी देशों के दोहरे मापदंडों और आर्थिक प्रतिबंधों को अमानवीय करार दिया है।
- अमेरिकी सैन्य और आर्थिक दबाव ने ईरान को और अधिक एकजुट किया है।
- पेज़ेश्कियन ने अमेरिका द्वारा कठपुतली सरकार बनाने की कोशिशों को विफल बताया।
- ईरान ने पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को अमानवीय कहा।
- गज़ा और लेबनान के संदर्भ में पश्चिमी मानवाधिकार दावों पर सवाल उठाए।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने एक हालिया साक्षात्कार में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ चल रहे लंबे संघर्ष पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन की आक्रामक नीतियों का उद्देश्य ईरान को अस्थिर करना था, लेकिन इसके विपरीत, इन कार्रवाइयों ने ईरानी जनता और पूरे क्षेत्र को एक सूत्र में पिरो दिया है।
पेज़ेश्कियन ने विश्लेषण किया कि अमेरिका ने ईरान पर 24 घंटे के भीतर विजय प्राप्त करने और एक कठपुतली सरकार स्थापित करने की योजना बनाई थी, जैसा कि अन्य देशों में देखा गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रयास ईरानी समाज के प्रतिरोध को तोड़ने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पेज़ेश्कियन का यह बयान मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण है। ईरान का यह रुख न केवल अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रति उसकी प्रतिक्रिया है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति संतुलन में ईरान की बढ़ती दृढ़ता को भी दर्शाता है।
'अमेरिका ने जो किया, उसने हमें और अधिक एकजुट बना दिया है।' - मसूद पेज़ेश्कियन
राष्ट्रपति ने अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक नाकाबंदी की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जब सैन्य और बुनियादी ढांचे पर हमले विफल हो गए, तो अमेरिका ने भोजन और चिकित्सा आपूर्ति को प्रभावित करने वाले आर्थिक हथियारों का सहारा लिया। उन्होंने इन कदमों को 'अमानवीय' करार दिया।
इसके अतिरिक्त, पेज़ेश्कियन ने ईरान पर सामूहिक विनाश के हथियार (WMD) विकसित करने के पश्चिमी आरोपों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने पश्चिमी देशों के मानवाधिकार दावों की वैधता पर सवाल उठाते हुए गज़ा और लेबनान में जारी संघर्षों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि जो देश नागरिक व्यापार और आवश्यक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, वे मानवाधिकारों की बात कैसे कर सकते हैं?
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ईरान और अमेरिका के बीच संबंध दशकों से तनावपूर्ण रहे हैं, जो 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से और भी जटिल हो गए हैं। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और आर्थिक प्रतिबंध इस संघर्ष के मुख्य केंद्र रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने अमेरिका पर ईरान को अस्थिर करने, कठपुतली सरकार बनाने की कोशिश करने और अमानवीय आर्थिक प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया।
2. पेज़ेश्कियन ने मानवाधिकारों पर क्या कहा?
उन्होंने गज़ा और लेबनान के संकट का हवाला देते हुए पश्चिमी देशों के मानवाधिकार दावों को दोहरे मापदंड वाला बताया।