प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जोर दिया कि वैश्विक विकास का नेतृत्व करने वाले देशों की वैश्विक शासन प्रणाली में निर्णायक भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स सर्वसम्मति के साथ आगे बढ़ेगा और किसी के विरुद्ध नहीं होगा।
- वैश्विक शासन में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की अधिक भागीदारी की मांग।
- ब्रिक्स का लक्ष्य किसी देश के विरोध में नहीं, बल्कि सर्वसम्मति से आगे बढ़ना है।
- पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर एक सशक्त पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया के सामने एक स्पष्ट दृष्टिकोण रखा। उन्होंने तर्क दिया कि जो राष्ट्र वर्तमान में वैश्विक आर्थिक विकास के मुख्य चालक (Drivers) हैं, उन्हें वैश्विक शासन (Global Governance) की निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में समान और प्रभावी आवाज मिलनी चाहिए। पीएम मोदी का यह बयान अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की दीर्घकालिक आवश्यकता को रेखांकित करता है।
संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ब्रिक्स देशों का उद्देश्य किसी विशेष देश या गुट के खिलाफ खड़ा होना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह समूह सर्वसम्मति (Consensus) के सिद्धांत पर कार्य करेगा, जिससे वैश्विक स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा मिले। यह दृष्टिकोण भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को वैश्विक राजनीति में प्रतिबिंबित करता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, पीएम मोदी का यह बयान इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल एक भागीदार नहीं, बल्कि वैश्विक नियमों को निर्धारित करने वाला एक 'रूल-मेकर' बनना चाहता है। ब्रिक्स का विस्तार और इसकी बढ़ती आर्थिक शक्ति पश्चिमी देशों के प्रभुत्व वाले ढांचे (जैसे IMF और वर्ल्ड बैंक) को चुनौती दे रही है, जिससे एक बहुध्रुवीय दुनिया (Multipolar World) का निर्माण हो रहा है।
"ब्रिक्स अब केवल एक आर्थिक समूह नहीं, बल्कि वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज बन चुका है, जो पुरानी व्यवस्थाओं में बदलाव की मांग कर रहा है।"
ऐतिहासिक रूप से, ब्रिक्स की शुरुआत 2006 में हुई थी और पिछले दो दशकों में इसने वैश्विक जीडीपी में अपनी हिस्सेदारी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है। भारत ने इस मंच का उपयोग करके विकासशील देशों की समस्याओं, जैसे जलवायु वित्त और डिजिटल बुनियादी ढांचे, को वैश्विक एजेंडे में शामिल कराया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: पीएम मोदी ने वैश्विक शासन के बारे में क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि वैश्विक विकास में योगदान देने वाले देशों की वैश्विक शासन व्यवस्था में उचित भागीदारी होनी चाहिए।
प्रश्न 2: ब्रिक्स का भविष्य का दृष्टिकोण क्या है?
उत्तर: ब्रिक्स किसी के विरुद्ध जाने के बजाय सर्वसम्मति और सहयोग के साथ आगे बढ़ने का लक्ष्य रखता है।