CIA द्वारा सार्वजनिक किए गए नए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि अमेरिकी अधिकारियों को 1998 में ही ओसामा बिन लादेन द्वारा विस्फोटक विमानों और जैविक हथियारों के जरिए हमले की चेतावनी मिल चुकी थी।

  • CIA ने 1998 से 2001 तक के 71 अत्यंत गोपनीय खुफिया दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं।
  • 9/11 हमलों से तीन साल पहले ही अमेरिकी धरती पर हमलों और विमान अपहरण की चेतावनी दी गई थी।
  • खुफिया रिपोर्टों में अल-कायदा द्वारा जैविक हथियारों और "डर्टी बम" हासिल करने के प्रयासों का उल्लेख था।

पारदर्शिता की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, CIA ने 71 अत्यंत गोपनीय खुफिया दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं, जो 11 सितंबर, 2001 के आतंकवादी हमलों से पहले की स्थितियों पर नया प्रकाश डालते हैं। हमलों की 25वीं वर्षगांठ पर जारी इन रिकॉर्ड्स में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के लिए तैयार किए गए 'प्रेसिडेंट डेली ब्रीफ्स' (PDB) शामिल हैं, जिनमें ओसामा बिन लादेन और अल-कायदा की गतिविधियों का विस्तृत विवरण है।

ये दस्तावेज़ चेतावनी की एक भयावह समयरेखा को उजागर करते हैं। फरवरी 1998 के एक दस्तावेज़ में चेतावनी दी गई थी कि चरमपंथी समूह सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) की क्षमता तलाश रहे हैं। 10 सितंबर, 1998 को—हमलों से ठीक तीन साल पहले—एक मेमो में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि बिन लादेन का पसंदीदा लक्ष्य वाशिंगटन है और अल-कायदा किसी अमेरिकी शहर के खिलाफ विस्फोटक-लदे विमान का उपयोग कर सकता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि ये खुलासे इस धारणा को बदलते हैं कि 9/11 एक "कल्पना की विफलता" (failure of imagination) थी। वास्तव में, यह कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी का उपयोग करने में विफलता थी। तथ्य यह है कि विमान अपहरण और विमानों को मिसाइल के रूप में उपयोग करने जैसे विशिष्ट तरीकों पर वर्षों पहले चर्चा की गई थी, जो खुफिया जानकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यान्वयन के बीच एक गंभीर खामी को दर्शाता है।

तारीखचेतावनी/खुफिया विवरणसंदर्भ
जुलाई 1998अमेरिकी धरती पर हमलों को प्राथमिकतारासायनिक/जैविक एजेंटों में रुचि
सितंबर 1998विस्फोटक-लदा विमानवाशिंगटन डी.सी. को निशाना बनाना
दिसंबर 1998अपहरण प्रशिक्षण रिपोर्टन्यूयॉर्क हवाई अड्डों पर ट्रायल रन
अगस्त 2001संदिग्ध गतिविधियों के पैटर्नअपहरण की तैयारियों के अनुरूप

दिसंबर 1998 के रिकॉर्ड संकेत देते हैं कि अल-कायदा के कुछ operatives ने पहले ही अपहरण का प्रशिक्षण ले लिया था और न्यूयॉर्क के एक अनाम हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच को चकमा देने में सफल रहे थे। 1999 और 2001 की शुरुआत तक, CIA ने प्रशासन को "डर्टी बम" (रेडियोलॉजिकल डिवाइस) और जैविक एजेंटों के साथ प्रयोगों के बारे में चेतावनी देना जारी रखा।

खतरे के अस्तित्व को जानने और हमले के सटीक समय और तरीके को समझने के बीच का अंतर ही वह जगह है जहाँ सबसे बड़ी खुफिया विफलताएं होती हैं।

CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इस खुलासे को "असाधारण पारदर्शिता का कार्य" बताया। इन फाइलों ने बिन लादेन को संरक्षण देने में तालिबान की भूमिका को भी रेखांकित किया है, जिसमें कहा गया है कि सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान उसकी मदद के कारण तालिबान उसकी आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में अनिच्छुक था।

क्या आप जानते हैं?: CIA ने विश्लेषण के 100 से अधिक पृष्ठ सार्वजनिक किए हैं जो एक चौथाई सदी तक दुनिया से छिपे रहे थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: अमेरिका को पहली बार विमानों को हथियार के रूप में उपयोग करने की संभावना के बारे में कब पता चला?
उत्तर 1: सार्वजनिक दस्तावेज़ों से पता चलता है कि विस्फोटक-लदे विमानों के बारे में चेतावनी सितंबर 1998 में ही दे दी गई थी।

प्रश्न 2: क्या CIA ने 9/11 से पहले सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) के बारे में चेतावनी दी थी?
उत्तर 2: हाँ, 1998 और 1999 के ब्रीफ में जैविक एजेंटों और रेडियोलॉजिकल "डर्टी बम" में अल-कायदा की रुचि का विवरण था।