संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 9/11 हमलों की 25वीं वर्षगांठ पर आतंकवाद के खिलाफ एक नया राष्ट्रपति वक्तव्य अपनाया। इस दौरान अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन और अन्य आतंकी सरगनाओं के खात्मे की याद दिलाते हुए वैश्विक सुरक्षा पर जोर दिया।
- UNSC ने 5 साल बाद आतंकवाद विरोधी नया राष्ट्रपति वक्तव्य अपनाया।
- अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने बिन लादेन, अल-बगदादी और अल-जवाहिरि के खात्मे का जिक्र किया।
- पाकिस्तान ने अफगानिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों और अपने हालिया नुकसान पर चिंता जताई।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 11 सितंबर के हमलों की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए आतंकी खतरों पर चर्चा करना और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता को मजबूत करना था। इस दौरान अमेरिका ने दुनिया को याद दिलाया कि कैसे उसने और उसके सहयोगियों ने अल-कायदा के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन का पीछा किया और अंततः उसे खत्म किया।
अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने अपने संबोधन में कड़े शब्दों में कहा, "हमने मिलकर बिन लादेन का शिकार किया। हमारे गठबंधन ने ISIS के खलीफा शासन को नष्ट किया और अल-बगदादी व अल-जवाहिरि जैसे खूंखार आतंकियों को मार गिराया।" वॉल्ट्ज ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद का कोई धर्म या राष्ट्रीयता नहीं होती और यह पूरी मानवता के लिए खतरा है। उन्होंने लंदन बम विस्फोटों और पाकिस्तान के पेशावर स्कूल नरसंहार जैसे दर्दनाक हादसों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के लगभग हर देश ने आतंकवाद के कारण अपने जवानों और नागरिकों को खोया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटनाक्रम दर्शाता है कि 25 साल बाद भी 9/11 की यादें वैश्विक भू-राजनीति और सुरक्षा नीतियों को प्रभावित कर रही हैं। अमेरिका का यह बयान न केवल उसकी सैन्य जीत का जश्न है, बल्कि यह उन देशों (विशेषकर पाकिस्तान) के लिए एक कूटनीतिक संकेत भी है जहाँ आतंकी ठिकाने पाए गए थे। यह वक्तव्य यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में कोई भी देश ढिलाई न बरते।
आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून तब तक प्रभावी नहीं हो सकते जब तक कि राज्य-प्रायोजित आतंकवाद और सुरक्षित पनाहगाहों (safe havens) का पूरी तरह सफाया न हो जाए।
बैठक के दौरान पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र दूत असीम इफ्तिखार अहमद ने अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ भारी कीमत चुकाई है। अहमद ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में अफगानिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद के कारण 4,700 से अधिक निर्दोष पाकिस्तानी मारे गए हैं। उन्होंने TTP और BLA जैसे समूहों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये संगठन बाहरी समर्थन के साथ अफगानिस्तान की धरती से हमले कर रहे हैं।
सुरक्षा परिषद द्वारा अपनाए गए नए राष्ट्रपति वक्तव्य में यह स्पष्ट किया गया कि आतंकवाद के सभी रूप, चाहे उनका उद्देश्य कुछ भी हो, आपराधिक और अक्षम्य हैं। परिषद ने इस बात की पुष्टि की कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, सभ्यता या समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। यह वक्तव्य 2021 के बाद पांच साल में पहली बार आतंकवाद के मुद्दे पर जारी किया गया है, जो इस समस्या की बढ़ती गंभीरता को दर्शाता है।
प्रमुख आतंकी संगठनों का पतन
| संगठन | प्रमुख नेता | परिणाम |
|---|---|---|
| अल-कायदा | ओसामा बिन लादेन | 2011 में अमेरिकी अभियान में ढेर |
| ISIS | अल-बगदादी | खलीफा शासन का पतन और नेतृत्व का अंत |
| अल-कायदा (नया नेतृत्व) | अल-जवाहिरि | अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: UNSC ने आतंकवाद के खिलाफ क्या नया कदम उठाया है?
उत्तर: सुरक्षा परिषद ने एक नया राष्ट्रपति वक्तव्य अपनाया है जो आतंकवाद की बिना शर्त निंदा करता है और इसे किसी भी धर्म या राष्ट्रीयता से अलग रखने पर जोर देता है।
प्रश्न 2: पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद में क्या शिकायत की?
उत्तर: पाकिस्तान ने कहा कि अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकाने और बाहरी समर्थन उसके देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।