सैक्ट्रामेंटो में 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर को उसके ही पीछा करने वाले ने मार डाला, जबकि उसके खिलाफ प्रतिबंध आदेश जारी था।
- शालिनी ठाकुर, 38, को उसके ही स्टॉकर ने गोली मारकर मार डाला।
- स्टॉकर ने एप्पल एयरटैग का उपयोग करके उसकी हर हरकत ट्रैक की।
- शिकायत के बाद भी जारी प्रतिबंध आदेश ने उसे बचाया नहीं।
सैक्ट्रामेंटो, कैलिफ़ोर्निया – 38 वर्षीय भारतीय मूल की शालिनी ठाकुर को 8 सितंबर 2026 को एक पनेरा ब्रेड रेस्तरां के बाहर गोली मारकर मार दिया गया। यह हत्या उसी 22 वर्षीय युवक रोहित द्वारा की गई, जिस पर शालिनी ने कई महीनों तक पीछा करने के बाद अदालत से प्रतिबंध आदेश भी प्राप्त किया था।
घटना का क्रम
शालिनी ने जनवरी में अपनी कार के हुड के नीचे एक छिपा हुआ एप्पल एयरटैग पाया, जिससे पता चला कि रोहित ने उसे लगातार ट्रैक किया था। इसके बाद रोहित ने उसके टायर में हवा निकाल दी, उसके अपार्टमेंट की चाबी की नकल बनाकर रात में घर में प्रवेश किया और कई बार उसकी कार के टायर भी पंचर किए।
मार्च में शालिनी ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उस समय उसने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। मई में पुलिस ने उसे प्रतिबंध आदेश लेने की सलाह दी, जिसे वह अंततः ले ली। आदेश के बावजूद रोहित ने 29 जुलाई को शालिनी के दरवाजे पर किराने का सामान छोड़ कर आदेश का उल्लंघन किया।
क्यों महत्वपूर्ण है
यह मामला प्रतिबंध आदेशों की प्रभावशीलता और स्टॉकर सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करता है। BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि तकनीकी ट्रैकिंग उपकरणों का दुरुपयोग कैसे जीवन‑घातक परिणाम दे सकता है।
"एयरटैग जैसे ट्रैकिंग डिवाइस का दुरुपयोग गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा करता है, और मौजूदा कानूनी ढाँचे को सख्त करने की आवश्यकता है।"
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- शालिनी ठाकुर की हत्या कैसे हुई?
- स्टॉकर ने एयरटैग का उपयोग करके उसकी हरकत कैसे ट्रैक की?
यह घटना अब इमीग्रेशन नीति और स्टॉकर सुरक्षा के व्यापक बहस का केंद्र बन गई है, जहाँ कई लोग प्रतिबंध आदेशों की कार्यक्षमता पर सवाल उठा रहे हैं।