इजरायली समाचार पत्र 'हारेट्ज़' की एक जांच ने इजरायली जेलों के भीतर फिलिस्तीनी कैदियों के साथ होने वाली अमानवीय हिंसा का पर्दाफाश किया है। व्हाट्सएप संदेशों से पता चला है कि जेल गार्ड कैदियों को बेरहमी से पीटते थे और उनकी मृत्यु पर भी मजाक करते थे।

  • हारेट्ज़ की जांच में इजरायली जेल गार्डों के बीच व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से कैदियों के साथ होने वाली क्रूरता का खुलासा हुआ।
  • फिलिस्तीनी कैदी थाएर अबू असब की एक सवाल पूछने के बाद पिटाई से मौत हो गई।
  • जांचकर्ताओं ने इस घटना के संबंध में 12 जेल गार्डों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।
  • गार्डों ने व्हाट्सएप पर कैदियों को पीटने और उनकी मृत्यु के बारे में असंवेदनशील संदेश साझा किए।

इजरायली समाचार पत्र 'हारेट्ज़' (Haaretz) द्वारा की गई एक सनसनीखेज जांच ने इजरायली जेलों के भीतर चल रहे एक अंधेरे अध्याय को उजागर किया है। जब्त किए गए व्हाट्सएप संदेशों और गवाहों के बयानों से पता चलता है कि केत्ज़ियोट जेल (Ketziot Prison) में फिलिस्तीनी कैदियों के साथ किस तरह की अमानवीय और बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया जा रहा था। यह मामला न केवल हिरासत में हिंसा, बल्कि कमांड की जिम्मेदारी और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

जांच के अनुसार, नवंबर 2023 में थाएर अबू असब (Thaer Abu Asab) नामक एक फिलिस्तीनी कैदी की मौत हो गई थी। अबू असब पर इजरायल पर हमलों के लिए 25 साल की सजा सुनाई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मृत्यु का कारण एक गार्ड से केवल एक सवाल पूछना था—क्या इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच युद्धविराम (cease-fire) पर कोई सहमति बनी है? इस सवाल के जवाब में जेल के कमांडरों ने पूरी इकाई को सेल में भेज दिया और बर्बरतापूर्ण पिटाई शुरू कर दी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मृत्यु का नहीं है, बल्कि यह इजरायली जेल प्रणाली के भीतर एक व्यवस्थित और संस्कृतिगत हिंसा (culture of violence) की ओर इशारा करता है। व्हाट्सएप संदेशों से पता चलता है कि गार्ड कैदियों के साथ होने वाली हिंसा को केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक 'दिनचर्या' मानते थे।

'व्हाट्सएप संदेशों में इस्तेमाल की गई भाषा यह दर्शाती है कि जेल गार्डों के बीच कैदियों की गरिमा और जीवन के प्रति कितनी संवेदनहीनता व्याप्त थी।'

जांच में सामने आया कि एक महिला गार्ड ने अपने साथी को संदेश भेजते हुए लिखा, "वे अभी क्लिनिक में सीपीआर (CPR) दे रहे हैं, बेबी," जबकि एक अन्य गार्ड ने कैदियों के संवेदनशील अंगों पर प्रहार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्लैंग 'चीज़' (cheese) का उपयोग किया। ये संदेश उस समय के हैं जब अबू असब अपनी अंतिम सांसें ले रहे थे।

गार्डों के बयानों से यह भी पता चला है कि जेल के उच्च अधिकारी, जैसे कि ब्रिगेडियर जनरल योसेफ क्नीप्स (Brigadier General Yosef Knipes), भी इस व्यवस्था का हिस्सा थे। गार्डों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी अक्सर मास्क और विशेष टैक्टिकल गियर पहनकर सेल में प्रवेश करते थे, जिससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता था कि चोट पहुंचाने के लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष के कारण, इजरायली जेलों में हजारों फिलिस्तीनी कैदी बंद हैं। मानवाधिकार संगठनों ने लंबे समय से इन जेलों में हिरासत में हिंसा और कैदियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में चिंता जताई है, लेकिन व्हाट्सएप जैसे डिजिटल साक्ष्यों ने अब इन दावों को ठोस आधार प्रदान किया है।

Did You Know?: इजरायली जेलों में कैदियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की निगरानी के लिए कानूनी ढांचे मौजूद हैं, लेकिन जांच में अक्सर 'कमांड जिम्मेदारी' की कमी देखी जाती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: थाएर अबू असब की मृत्यु कैसे हुई?
उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार, एक सवाल पूछने के बाद जेल गार्डों द्वारा की गई अत्यधिक पिटाई के कारण उन्हें गंभीर हृदय चोट आई, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

प्रश्न 2: क्या इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?
उत्तर: हाँ, अभियोजकों ने इस घटना के संबंध में इजरायल जेल सेवा के 12 गार्डों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।