नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया गया। इसके साथ ही भारत-चीन संबंधों में सुधार और लद्दाख से जुड़ी राजनीतिक हलचल ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है।
- BRICS देशों ने 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को सर्वसम्मति से अपनाया।
- प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का स्वागत किया।
- लद्दाख के पूर्व भाजपा सांसद ने सोनम वांगचुक पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
- RBI ने टाटा संस के NBFC लाइसेंस को सरेंडर करने के आवेदन को खारिज किया।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन कूटनीतिक सफलता देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, 11 सदस्य देशों ने 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया। इस समझौते में ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर अपने कड़े रुख में बदलाव किया और 'अधिकतम संयम' बरतने की अपील की। हालांकि, इसमें यूक्रेन युद्ध का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।
भारत-चीन संबंधों में नई गर्माहट
शिखर सम्मेलन के इतर, प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 के बाद से भारत-चीन संबंधों में हुई 'स्थिर प्रगति' का स्वागत किया। मोदी ने चीन की आगामी BRICS अध्यक्षता के लिए भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। यह मुलाकात सीमा विवादों के बीच दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, BRICS में भारत की मध्यस्थता ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
लद्दाख और घरेलू राजनीति का घटनाक्रम
लद्दाख के पूर्व भाजपा सांसद थुपस्टन छ्वेंग ने सक्रिय कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य प्रतिनिधियों पर लद्दाख के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय (MHA) के साथ हुई हालिया बातचीत काफी सकारात्मक रही है, जो वांगचुक द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे नैरेटिव के विपरीत है।
कॉर्पोरेट और आर्थिक जगत की बड़ी खबरें
बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ी खबर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से आई है। RBI ने टाटा संस के अपने NBFC लाइसेंस को सरेंडर करने के आवेदन को खारिज कर दिया है। नियामक ने टाटा समूह को तुरंत सार्वजनिक लिस्टिंग की तैयारी करने का निर्देश दिया है।
Frequently Asked Questions
1. नई दिल्ली घोषणापत्र का मुख्य फोकस क्या है?
इसका मुख्य फोकस पश्चिम एशिया में शांति बनाए रखने और 'अधिकतम संयम' बरतने पर है।
2. भारत-चीन बैठक का क्या महत्व है?
यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों में सुधार और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए महत्वपूर्ण है।