FATF की आगामी पेरिस बैठक से ठीक पहले, पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के लिए 7 मिलियन रुपये के इनाम की घोषणा जारी रखी है। मसूद अजहर का नाम अभी भी FIA की मोस्ट-वांटेड 'रेड बुक' में शामिल है।

  • पाकिस्तान ने मसूद अजहर के लिए 7 मिलियन रुपये का इनाम बरकरार रखा है।
  • अजहर का नाम FIA की 2026 की 'रेड बुक' में शामिल है।
  • यह कदम FATF की पेरिस में होने वाली आगामी बैठक से पहले आया है।
  • अजहर पर भारत में संसद हमले और पुलवामा जैसे आतंकी हमलों के आरोप हैं।

इस्लामाबाद से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक और प्रमुख मसूद अजहर के लिए 7 मिलियन रुपये (70 लाख रुपये) के इनाम की घोषणा को जारी रखा है। अजहर का नाम फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की मोस्ट-वांटेड आतंकवादियों की 'रेड बुक' में शामिल है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब पेरिस में 26 से 30 अक्टूबर तक FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि FATF की बैठक से ठीक पहले इस इनाम को बनाए रखना पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को सुधारने की एक कोशिश हो सकती है। पाकिस्तान 2018 से 2022 तक FATF की 'ग्रे लिस्ट' (बढ़ी हुई निगरानी सूची) में रहा था। हालांकि पाकिस्तान को 2022 में सूची से हटा दिया गया था, लेकिन आतंकवाद के वित्तपोषण को लेकर वैश्विक चिंताएं अभी भी बरकरार हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मसूद अजहर जैसे उच्च-प्रोफ़ाइल आतंकी के खिलाफ कार्रवाई का दिखावा करना और वास्तव में उन्हें पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम न उठाना, पाकिस्तान की दोहरी नीति को दर्शाता है। भारत ने वर्षों से आरोप लगाया है कि पाकिस्तान अजहर को संरक्षण देता है, जबकि पाकिस्तान का दावा है कि वह अफगानिस्तान भाग गया है, जिसे तालिबान सरकार ने भी खारिज कर दिया है।

मसूद अजहर पर इनाम बनाए रखना केवल एक प्रतीकात्मक कदम है, जब तक कि वास्तविक गिरफ्तारी न हो।

FIA की 2026 की सूची के अनुसार, अजहर को सीरियल नंबर 1480 पर रखा गया है। इस सूची में कुल 1,804 नाम शामिल हैं। अजहर पर मुख्य रूप से तीन गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज है, जो लाहौर, मुल्तान और गुजरांवाला के आतंकवाद विरोधी विभागों (CTD) द्वारा दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में आतंकवाद विरोधी अधिनियम, 1997 की विभिन्न धाराओं का उल्लेख है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मसूद अजहर का नाम वैश्विक आतंकवाद के इतिहास में गहरा है। वह 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले का मुख्य संदिग्ध है। इसके अलावा, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने प्रमाणित किया है। भारत ने 2008 के मुंबई हमलों के बाद भी पाकिस्तान से कई fugitives को सौंपने की मांग की थी।

Did You Know?: FATF एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण को रोकने के लिए देशों की कार्यप्रणाली की निगरानी करती है।

Frequently Asked Questions

1. मसूद अजहर पर कितना इनाम घोषित है?
पाकिस्तान ने मसूद अजहर की गिरफ्तारी या दोषसिद्धि के लिए जानकारी देने पर 7 मिलियन रुपये का इनाम रखा है।

2. FATF बैठक कहाँ आयोजित की जा रही है?
FATF की आगामी प्लैनरी बैठक पेरिस में 26 से 30 अक्टूबर के बीच आयोजित की जाएगी।