कनाडा ने जबरन वसूली और संगठित अपराध में शामिल चार और भारतीय नागरिकों को देश से बाहर निकाल दिया है। अब तक इस अभियान के तहत कुल 111 भारतीयों को डिपोर्ट किया जा चुका है।
- कनाडा ने जबरन वसूली और संगठित अपराध के आरोप में 4 और भारतीयों को निकाला।
- अब तक कुल 111 भारतीय नागरिक डिपोर्ट किए जा चुके हैं।
- CBSA ने पूरे देश में 188 निष्कासन आदेश जारी किए हैं।
- जांच में पाया गया कि कई आरोपी स्टडी परमिट पर कनाडा आए थे।
कनाडा सरकार ने देश में चल रहे बड़े अपराध विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई की है। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने जबरन वसूली (extortion) और संगठित अपराध के नेटवर्क से जुड़े चार और भारतीय नागरिकों को देश से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही इस विशेष अभियान के तहत अब तक डिपोर्ट किए गए भारतीयों की कुल संख्या 111 तक पहुंच गई है।
निष्कासित किए गए नए व्यक्तियों में पालविंदर सिंह, जसमेर सिंह, अमितोज बाहवा और साहिबजोत सिंह शामिल हैं। CBSA के अनुसार, इन चारों को 'इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी प्रोटेक्शन एक्ट' (IRPA) के तहत गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के आधार पर अयोग्य पाया गया। इनमें से कुछ पर गोलीबारी और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कनाडा में भारतीय प्रवासियों और छात्रों की बढ़ती संख्या के बीच यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है। यह अभियान न केवल अपराध को रोकने के लिए है, बल्कि उन तत्वों को लक्षित कर रहा है जो अध्ययन या अस्थायी निवास के बहाने आकर आपराधिक नेटवर्क बना रहे हैं। यह कनाडा की सुरक्षा नीतियों में आए सख्त बदलाव को भी दर्शाता है।
कनाडा की सख्त डिपोर्टेशन नीति यह स्पष्ट करती है कि अध्ययन परमिट का उपयोग अब आपराधिक गतिविधियों के लिए ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता।
आंकड़ों के अनुसार, CBSA ने अब तक देश भर में 188 निष्कासन आदेश जारी किए हैं। इनमें से सबसे अधिक कार्रवाई ब्रिटिश कोलंबिया और ओंटारियो जैसे क्षेत्रों में देखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में इस अभियान के तेज होने के बाद से मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। मार्च में जहाँ केवल 35 निष्कासन हुए थे, वहीं जून तक यह संख्या बढ़कर 81 हो गई थी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में, कनाडा में दक्षिण एशियाई समुदायों के भीतर संगठित अपराध और जबरन वसूली के मामलों में वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा में 'रफ़ियंस गैंग' जैसे समूहों की सक्रियता ने स्थानीय पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया है।
| क्षेत्र | जारी आदेश | निष्कासन संख्या |
|---|---|---|
| पैसिफिक क्षेत्र (BC सहित) | 91 | 58 |
| प्रेयरी क्षेत्र (Alberta आदि) | 47 | 30 |
| ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) | 50 | 23 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या सभी डिपोर्ट किए गए लोग अपराधी थे?
हाँ, निष्कासन के आदेश मुख्य रूप से उन लोगों के खिलाफ जारी किए गए हैं जो संगठित अपराध या गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए थे।
2. क्या यह केवल भारतीयों के साथ हो रहा है?
यह अभियान विदेशी नागरिकों के खिलाफ है, लेकिन हालिया आंकड़ों में भारतीय मूल के युवाओं की संख्या अधिक रही है जो अपराध नेटवर्क से जुड़े थे।