हंगरी सरकार ने संसद में एक नया विधेयक पेश किया है जो पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के कार्यकाल के दौरान लागू किए गए विवादास्पद एंटी-LGBTQ नियमों को बदलने का प्रयास करता है। यह कदम यूरोपीय संघ (EU) के मानवाधिकार मानकों के साथ तालमेल बिठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
- हंगरी सरकार ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों से संबंधित पुराने कानूनों में संशोधन के लिए विधेयक पेश किया।
- नया कानून 'समलैंगिकता के प्रचार' पर प्रतिबंध लगाने वाले शब्दों को हटा देगा।
- प्रधानमंत्री पीटर मैग्यार का लक्ष्य हंगरी को यूरोपीय संघ के नियमों के साथ जोड़ना है।
हंगरी में एक ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव के बाद, नई सरकार ने संसद में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया है। यह विधेयक उन विवादास्पद एंटी-LGBTQ नियमों में संशोधन करने का प्रस्ताव करता है, जिन्हें पूर्व राष्ट्रवादी नेता विक्टर ओर्बन के शासनकाल के दौरान लागू किया गया था। 2021 में लागू किए गए मूल कानून ने नाबालिगों के बीच 'समलैंगिकता के प्रचार' को प्रतिबंधित कर दिया था, जिसका उपयोग अक्सर प्राइड मार्चों पर रोक लगाने के लिए किया जाता था।
प्रस्तावित नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य 2021 के कानून से उन विशिष्ट संदर्भों को हटाना है जो समलैंगिकता या जेंडर ट्रांज़िशन के 'प्रचार' या 'प्रदर्शन' को प्रतिबंधित करते थे। इसके बजाय, कानून अब केवल उन सामग्रियों पर ध्यान केंद्रित करेगा जो 'बच्चे के शारीरिक, बौद्धिक, भावनात्मक या नैतिक विकास को गंभीर रूप से बाधित' कर सकती हैं। यह बदलाव कानून को अधिक व्यापक और कम भेदभावपूर्ण बनाने के लिए किया जा रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम हंगरी के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव का संकेत है। पीटर मैग्यार के नेतृत्व में, हंगरी अब यूरोपीय संघ के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहा है। यूरोपीय न्यायालय (ECJ) ने पहले ही यह फैसला सुना दिया था कि हंगरी का पिछला कानून यूरोपीय संघ की पहचान और मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है।
यह संशोधन हंगरी की उस छवि को बदलने की कोशिश है जिसे यूरोपीय संघ ने एक रूढ़िवादी और मानवाधिकार विरोधी राज्य के रूप में देखा था।
प्रधानमंत्री पीटर मैग्यार ने स्पष्ट किया है कि नए नियम किसी भी यौन अभिविन्यास के बावजूद लागू होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार यौन हिंसा और शोषण को बढ़ावा देने वाली सामग्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी, लेकिन यह भेदभावपूर्ण नहीं होगा।
ऐतिहासिक संदर्भ
विक्टर ओर्बन के 16 साल के शासन के दौरान, हंगरी ने अपनी सामाजिक नीतियों को अत्यधिक रूढ़िवादी बनाया था। 2021 का कानून न केवल LGBTQ समुदायों को कलंकित करता था, बल्कि इसे अक्सर बाल शोषण के साथ जोड़कर पेश किया जाता था, जिसकी व्यापक आलोचना हुई थी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: नया कानून क्या बदल रहा है?
उत्तर: यह कानून 'समलैंगिकता के प्रचार' जैसे विशिष्ट शब्दों को हटाकर सामग्री की सुरक्षा के सामान्य मानकों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
प्रश्न 2: क्या इससे गोद लेने के नियम भी बदलेंगे?
उत्तर: सरकार वर्तमान में 2020 के उस कानून पर भी विचार कर रही है जो केवल विवाहित जोड़ों को ही बच्चों को गोद लेने की अनुमति देता था।