मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिलौआ अवैध खनन मामले में माइनिंग अधिकारी से उनकी आय और बेटे की भारी-भरकम स्कूल फीस के बीच के अंतर पर कड़ा सवाल किया है। अदालत ने कलेक्टर से भी खदानों के अवैध संचालन पर जवाबदेही मांगी है।
मुख्य बातें
- हाईकोर्ट ने माइनिंग अफसर की 51 हजार की सैलरी और 9 लाख की स्कूल फीस पर सवाल उठाए।
- बिलौआ खदानों में अवैध खनन को लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान से ढाई घंटे पूछताछ हुई।
- अदालत ने खनन की गति पर टिप्पणी करते हुए पूछा कि 10 साल का माल 1 साल में कैसे निकाला गया?
- लोकायुक्त की 'क्लीन चिट' वाली दलील को कोर्ट ने सिरे से खारिज किया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने ग्वालियर के बिलौआ में हो रहे अवैध खनन के मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने न केवल प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की, बल्कि एक माइनिंग अधिकारी की जीवनशैली और उनकी घोषित आय पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रभारी माइनिंग अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा से कोर्ट ने उनके बेटे की सिंधिया स्कूल में जमा की गई 9 लाख रुपये की सालाना फीस के बारे में पूछा। जब अधिकारी ने बताया कि उनका मासिक वेतन मात्र 51 हजार रुपये है, तो अदालत ने इस भारी अंतर पर तीखी टिप्पणी की। अधिकारी ने सफाई दी कि यह खर्च उनके पत्नी के मामा उठाते हैं, जिसे अदालत ने गंभीरता से नहीं लिया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक व्यक्तिगत आय का विवाद नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों की संपत्ति और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों के बीच के संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। अवैध खनन से होने वाली राजस्व हानि और अधिकारियों की जीवनशैली के बीच का यह विरोधाभास शासन व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
"अगर 10 साल की लीज का माल 1 साल में ही निकाल लिया, तो बाकी 9 साल क्या करोगे?" - हाईकोर्ट की टिप्पणी।
अदालत ने कलेक्टर रुचिका चौहान से भी खदानों के सर्वे नंबर, स्वीकृत क्षेत्र और अवैध खुदाई के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी। कोर्ट ने ड्रोन वीडियो के माध्यम से खदानों की वर्तमान स्थिति की जांच की और पाया कि खनन की गति संदिग्ध रूप से तेज है।
Frequently Asked Questions
1. हाईकोर्ट ने माइनिंग अफसर से क्या सवाल पूछा?
कोर्ट ने पूछा कि 51,000 रुपये मासिक वेतन के साथ अधिकारी अपने बेटे की 9 लाख रुपये की सालाना स्कूल फीस कैसे भर रहे हैं?
2. बिलौआ खनन मामले में अगली सुनवाई कब है?
हाईकोर्ट ने अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट के साथ 30 सितंबर तक का समय दिया है।