चेन्नई के व्यस्त जॉर्ज टाउन में स्थित 'हाउस ऑफ वेणु कृष्णा' एक 120 साल पुरानी ऐतिहासिक सराय में प्रामाणिक आंध्र भोजन परोस रहा है। यह अनूठा रेस्तरां ऐतिहासिक विरासत और पारंपरिक स्वाद का एक बेहतरीन संगम पेश करता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • यह रेस्तरां चेन्नई के जॉर्ज टाउन में 120 साल पुरानी ऐतिहासिक चौल्ट्री (सराय) में स्थित है।
  • यहाँ प्रामाणिक आंध्र शाकाहारी भोजन और शाम को पारंपरिक टिफिन परोसा जाता है।
  • मसाले और सामग्रियां सीधे आंध्र प्रदेश के गुंटूर और नेल्लोर जैसे क्षेत्रों से मंगवाई जाती हैं।

चेन्नई के ऐतिहासिक और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र जॉर्ज टाउन की तंग गलियों के बीच एक ऐसी अनूठी विरासत छिपी है, जिसकी कल्पना करना भी कठिन है। यहाँ स्थित 120 साल पुरानी 'वुपुतुर अलवर चेट्टी चौल्ट्री' (सराय) को अब एक बेहतरीन रेस्तरां 'हाउस ऑफ वेणु कृष्णा' के रूप में पुनर्जीवित किया गया है। मार्च 2025 में शुरू हुआ यह रेस्तरां न केवल अपने स्वादिष्ट आंध्र व्यंजनों के लिए, बल्कि अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला के लिए भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

विरासत का संरक्षण और जीर्णोद्धार

इस ऐतिहासिक इमारत को सहेजने का विचार स्थानीय दाल व्यापारी वाई वेणुगोपाल और उनके बेटे राम तेजा को आया। महामारी के दौरान, इस चौल्ट्री के ट्रस्टी इस धरोहर को संरक्षित करने और इसे नया रूप देने के लिए पट्टे पर देने की योजना बना रहे थे। लगभग 4,800 वर्ग फुट में फैली इस संरचना को बिना किसी बड़े बदलाव के मूल रूप में बनाए रखने की शर्त थी। यही कारण है कि इसके जीर्णोद्धार में लगभग दो साल का लंबा समय लगा, और आज भी इसकी पहली मंजिल पर काम चल रहा है।

सीधे मूल स्रोतों से आती हैं सामग्रियां

राम तेजा के अनुसार, भले ही वे पहले सीधे तौर पर रेस्तरां व्यवसाय में नहीं थे, लेकिन खाद्य आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा होने के कारण उन्हें बेहतरीन सामग्रियों की गहरी समझ है। रेस्तरां के लिए गुंटूर से विशेष छह प्रकार की मिर्च, कर्नाटक के तुमकुर से इमली, अराकू घाटी से हल्दी और काली मिर्च, तथा नेल्लोर से चावल और दालें सीधे मंगवाई जाती हैं। नेल्लोर के कुशल रसोइयों की टीम यहाँ के पारंपरिक स्वादों को जीवंत रखती है।

केले के पत्ते पर परोसा जाने वाला पारंपरिक स्वाद

यहाँ दोपहर के भोजन की शुरुआत केले के पत्ते पर मीठे केसरी के साथ होती है। इसके बाद रोट्टा पचड़ी (चटनी), दोंडाकाया वेपुदु (कुंदरू फ्राई), वड़ा, पापड़ और आम का अचार परोसा जाता है। यहाँ का मुख्य आकर्षण 'रागी संगती' (रागी की मुठिया) और बैंगन पुलुसु (खट्टा-तीखा बैंगन का सालन) का पारंपरिक संयोजन है, जो आम तौर पर रेस्तरां के मेनू में नहीं मिलता। इसके अलावा, गर्म चावल पर शुद्ध घी और घर में तैयार 'पप्पू पोडी' (दाल का पाउडर) का स्वाद अद्भुत है।

शाम का विशेष मेनू और सांस्कृतिक महत्व

शाम के समय, यह रेस्तरां आंध्र के पारंपरिक टिफिन व्यंजनों जैसे कि मिर्च बज्जी, पुनुगुलु, पेसरेटू, विभिन्न प्रकार के डोसे और इडली में तब्दील हो जाता है। यहाँ जैन ग्राहकों के लिए बिना प्याज और लहसुन का सात्विक भोजन भी उपलब्ध है। जॉर्ज टाउन जैसे व्यस्त इलाके में, जहाँ पार्किंग और जगह की भारी कमी है, यह रेस्तरां भोजन के शौकीनों को एक शांत और भव्य ऐतिहासिक माहौल में भोजन करने का अनूठा अनुभव प्रदान करता है।