जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने 27 जुलाई को आयोजित एथिकल टूरिज़्म कॉन्क्लेव में कहा कि पिछले छह वर्षों में बनाए गए 5,000 होटलों में से 90% अवैध हैं। उन्होंने होटल उद्योग में अत्यधिक कीमतें और पर्यावरणीय अनैतिकता को भी उजागर किया।
मुख्य बिंदु
- पिछले 6 वर्षों में 5,000 होटल बने, जिनमें 90% अवैध।
- अवैध होटलों में कुल निवेश 80,000‑1 लाख करोड़ रुपये।
- होटल कीमतें 10,000‑25,000 रुपये तक बढ़ा कर पर्यटकों को दूर कर रही हैं।
लेफ्टिनेंट गवर्नर का बयान
सिंहली नगर में 27 जुलाई को टूरिस्ट ट्रेड इंटरेस्ट गिल्ड द्वारा आयोजित एथिकल टूरिज़्म कॉन्क्लेव में मनोज सिन्हा ने बताया कि 5,000 में से 90% होटल बिना अनुमति के बनाए गए हैं, जिसमें प्रमुख होटलियर मुश्ताक अहमद चाया का भी नाम आया।
अवैधता के आर्थिक प्रभाव
सिन्हा ने कहा कि इन होटलों में कुल निवेश 80,000‑1 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचा है, जहाँ 90% निवेश स्थानीय लोगों का है और केवल 10% बाहरी टूर‑एंड‑ट्रैवल कारोबारियों का।
कीमतों में अत्यधिक वृद्धि
उन्होंने होटल कीमतों को 10,000 से 25,000 रुपये तक बढ़ाने की आलोचना की, जिससे पर्यटक कम यात्रा करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। साथ ही, श्रीनगर में टैक्सी किराए भी पर्यटन की छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that unchecked hotel construction erodes Kashmir’s fragile ecology and skews economic benefits away from grassroots communities, threatening long‑term sustainable tourism.
"अवैध होटलों की लहर न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रही है, बल्कि स्थानीय आर्थिक संतुलन को भी बिगाड़ रही है," कहा पर्यटन विशेषज्ञ डॉ. शीला क़र्रारी ने।
नैतिक पर्यटन की दिशा
सिन्हा ने कहा कि नैतिक पर्यटन सिर्फ नियमों से नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन से संभव है। उन्होंने स्थानीय शिकार मालिकों, कारीगरों और होमस्टे मालिकों को लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सभी 5,000 होटलों में ही अवैध निर्माण है?
सही उत्तर: नहीं, लगभग 90% होटलों में वैध अनुमति नहीं है, शेष 10% वैध मानते हैं।
प्रश्न 2: सरकार ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए हैं?
सही उत्तर: एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ने कई होटलियर्स को नोटिस जारी किया है और भविष्य में कठोर कार्रवाई की घोषणा की है।