तिरुवनंतपुरम के पास स्थित मुदपुरम गांव अपनी ग्रामीण सुंदरता और धान के खेतों के बीच बने शानदार ट्री हाउस के कारण इस ओणम सीजन में पर्यटकों का पसंदीदा स्थान बन गया है।
- मुदपुरम में धान के खेतों के बीच 'मुदपुरते ओणक्कुडिल' (ट्री हाउस) पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
- गेंदे के फूलों की खेती और ग्रामीण परिवेश ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।
- स्थानीय निवासी संघ (MUDRA) ने सामुदायिक प्रयासों से इस पर्यटन स्थल को विकसित किया है।
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से लगभग 30 किलोमीटर दूर, चिरायंकीझु के पास स्थित मुदपुरम गांव इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। ओणम के इस पावन अवसर पर, इस छोटे से गांव ने अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनूठी व्यवस्थाओं से पर्यटकों का दिल जीत लिया है। धान के विशाल खेतों के बीच बना एक खूबसूरत ट्री हाउस, जिसे स्थानीय रूप से 'मुदपुरते ओणक्कुडिल' कहा जाता है, सोशल मीडिया पर रील्स और शॉर्ट्स के माध्यम से तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
इस दृश्य को और भी मनमोहक बनाने के लिए, खेतों के बीच से बहने वाली नहर के दोनों किनारों पर पीले और नारंगी रंगों के गेंदे के फूलों की शानदार खेती की गई है। यह प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण जीवन का एक ऐसा संगम है, जो शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर शांति की तलाश करने वालों को अपनी ओर खींच रहा है।
क्यों है यह खास?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मुदपुरम का यह बदलाव केवल पर्यटन के बारे में नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक एकजुटता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुदपुरम रेजिडेंट्स एसोसिएशन (MUDRA) के प्रयासों से, जो पहले एक निष्क्रिय संस्था थी, अब इस क्षेत्र को एक व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
सामुदायिक भागीदारी और सोशल मीडिया का सही तालमेल किसी भी गुमनाम गांव को पर्यटन मानचित्र पर ला सकता है।
इस ट्री हाउस की कहानी संघर्ष और पुनरुद्धार की है। मुदपुरम रेजिडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीश रामदास ने बताया कि पिछले साल युवाओं द्वारा बनाया गया एक अस्थायी बांस का घर असामाजिक तत्वों द्वारा नष्ट कर दिया गया था। इसके बाद, स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर एक स्थायी संरचना बनाने का निर्णय लिया, जिसमें धातु के फ्रेम और टाइल वाली छत का उपयोग किया गया है।
ऐतिहासिक और सामाजिक पृष्ठभूमि
मुदपुरम का यह विकास 'कुडुम्बश्री' और 'अजीविका मिशन' जैसी सरकारी योजनाओं के सहयोग से और भी मजबूत हुआ है। स्थानीय महिलाओं ने गेंदे के पौधों की रोपाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, थेंगुमविला पादसेखरा समिति जैसे समूहों ने खेती के माध्यम से इस क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को सुधारने में योगदान दिया है।
स्थानीय प्रशासन, मंदिर ट्रस्ट और यहाँ तक कि विदेशों में रहने वाले मुदपुरम के निवासियों ने भी इस पहल में आर्थिक और नैतिक समर्थन दिया है। सड़क किनारे बेंच लगाने से लेकर सीसीटीवी कैमरे लगाने तक, हर कदम सामुदायिक सहयोग का प्रतीक है।
Frequently Asked Questions
1. मुदपुरम ट्री हाउस कहाँ स्थित है?
यह केरल के तिरुवनंतपुरम जिले में चिरायंकीझु के पास मुदपुरम गांव में स्थित है।
2. यहाँ पहुँचने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
आप गूगल मैप्स पर 'Mudapuram Onakkudil' सर्च करके आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं।