फोटोग्राफर निकोलो रास्त्रेली के नए प्रोजेक्ट 'IRL' ने खुलासा किया है कि कैसे जेन ज़ी पीढ़ी अपने बेडरूम की निजता और सोशल मीडिया की सार्वजनिक छवि के बीच संतुलन बनाती है। यह रिपोर्ट डिजिटल नेटिव्स की बदलती पहचान को गहराई से दर्शाती है।

  • फोटोग्राफर निकोलो रास्त्रेली ने जेन ज़ी की निजी और डिजिटल पहचान के बीच के अंतर को समझने के लिए 'IRL' प्रोजेक्ट शुरू किया।
  • युवाओं के लिए उनका बेडरूम उनकी पहली व्यक्तिगत पहचान बनाने का स्थान है, जबकि सोशल मीडिया एक दूसरा मंच है।
  • कई युवा अपनी असली पहचान केवल 'प्राइवेट अकाउंट्स' पर ही प्रकट करते हैं।

आज के दौर में, जहाँ इंटरनेट जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है, पहली बार ऐसी पीढ़ी सामने आई है जिसे 'डिजिटल नेटिव्स' कहा जाता है। इतालवी फोटोग्राफर निकोलो रास्त्रेली (Niccolò Rastrelli) ने अपने नवीनतम फोटोग्राफी प्रोजेक्ट, 'IRL' (In Real Life) के माध्यम से इस पीढ़ी के दोहरे जीवन को कैमरे में कैद किया है। यह प्रोजेक्ट केवल तस्वीरों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह समझने का एक प्रयास है कि कैसे इंटरनेट की भाषा को मातृभाषा की तरह बोलने वाली यह पीढ़ी अपनी पहचान का निर्माण करती है।

रास्त्रेली का यह अध्ययन इटली, यूके, मोरक्को और फ्रांस जैसे विभिन्न देशों के युवाओं पर केंद्रित है। प्रत्येक विषय के लिए दो तस्वीरें ली गई हैं: एक उनके बेडरूम में, जो उनकी वास्तविक, भौतिक दुनिया को दर्शाती है, और दूसरी उनके स्मार्टफोन की स्क्रीन का स्क्रीनशॉट, जो उनकी डिजिटल उपस्थिति को प्रदर्शित करती है। बेडरूम में रखे पोस्टर, किताबें, संगीत वाद्ययंत्र और तारों का जाल उनके व्यक्तित्व की एक अनकही कहानी कहते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि पहचान निर्माण का एक जटिल उपकरण बन गया है। जहाँ पुरानी पीढ़ी (Millennials) ने सोशल मीडिया को अनजाने में अपनाया, वहीं जेन ज़ी इसे एक सचेत रणनीति के रूप में उपयोग कर रही है। यह विभाजन उनके मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार के भविष्य को निर्धारित करेगा।

"बेडरूम वह स्थान है जहाँ आप पहली बार अकेले होते हैं और अपनी पहचान बनाना शुरू करते हैं, और आज सोशल मीडिया उसी पहचान का विस्तार है," रास्त्रेली ने कहा।

अध्ययन में एक दिलचस्प पहलू यह सामने आया कि कई युवा सोशल मीडिया को व्यक्तिगत अभिव्यक्ति के बजाय एक 'कार्य उपकरण' (work tool) के रूप में देखते हैं। उदाहरण के लिए, 23 वर्षीय वेब डेवलपर फ्रांसेस्को अपने व्यक्तिगत अकाउंट पर कुछ भी पोस्ट नहीं करते हैं। इसके विपरीत, 16 वर्षीय लाना जैसे युवा अपनी असली भावनाओं को व्यक्त करने के लिए केवल अपने बेहद निजी (private) अकाउंट्स का ही उपयोग करते हैं।

विशेषताबेडरूम (वास्तविक जीवन)सोशल मीडिया (डिजिटल जीवन)
प्रकृतिभौतिक, निजी और अनफ़िल्टर्डक्यूरेटेड, सार्वजनिक और अक्सर फ़िल्टर्ड
पहचानवस्तुओं और वातावरण से निर्मितपोस्ट, स्टोरीज़ और प्रोफाइल से निर्मित
उद्देश्यआत्म-खोज और आरामसामाजिक जुड़ाव या पेशेवर ब्रांडिंग

यूके जैसे देशों में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा चल रही है, लेकिन रास्त्रेली का मानना है कि जेन ज़ी अपनी पीढ़ी के बड़ों की तुलना में सोशल मीडिया के प्रति अधिक सचेत और नियंत्रित है। वे फेसबुक जैसे पुराने प्लेटफॉर्म्स के बजाय इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे नए माध्यमों पर अपनी पहचान को अधिक कुशलता से प्रबंधित कर रहे हैं।

Did You Know?: जेन ज़ी पीढ़ी के कई लोग एक ही प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कई अकाउंट्स (Finstas) रखते हैं।

Frequently Asked Questions

1. 'IRL' प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि जेन ज़ी के वास्तविक जीवन (In Real Life) और उनकी ऑनलाइन उपस्थिति के बीच कितना अंतर है।

2. क्या सोशल मीडिया युवाओं के लिए खतरनाक है?
रास्त्रेली के अनुसार, यह उपयोग के तरीके पर निर्भर करता है; कई युवा इसे बहुत ही नियंत्रित और पेशेवर तरीके से उपयोग कर रहे हैं।