आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गेश ने घोषणा की है कि 10 से 12 सितंबर तक विशाखापत्तनम में IATO का 41वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य राज्य के पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।
- 10-12 सितंबर तक विशाखापत्तनम (विजाग) में IATO का 41वां राष्ट्रीय सम्मेलन।
- आंध्र प्रदेश के पर्यटन हितधारकों के लिए सदस्यता शुल्क और पंजीकरण शुल्क में भारी छूट।
- 1,000 से अधिक प्रमुख टूर ऑपरेटर्स और होटल प्रबंधकों के शामिल होने की उम्मीद।
आंध्र प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री कंडुला दुर्गेश ने गुरुवार को अमरावती सचिवालय में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राज्य का प्रमुख तटीय शहर, विशाखापत्तनम, 10 से 12 सितंबर तक भारतीय टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (IATO) के 41वें राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन की मेजबानी करेगा। यह आयोजन राज्य के पर्यटन उद्योग के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
मंत्री दुर्गेश ने कहा कि यह सम्मेलन देश भर के प्रमुख पर्यटन प्रतिनिधियों, टूर ऑपरेटर्स, होटल प्रबंधकों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाएगा। इससे आंध्र प्रदेश के पर्यटन स्थलों, रिसॉर्ट्स और होटलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
राज्य के हितधारकों के लिए विशेष प्रोत्साहन
पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार ने स्थानीय हितधारकों के लिए विशेष रियायतें लागू की हैं। IATO ने आंध्र प्रदेश के सदस्यों के लिए ₹10,000 (प्लस जीएसटी) का एकमुश्त प्रवेश शुल्क पूरी तरह से माफ कर दिया है। यह छूट 31 दिसंबर, 2026 तक जमा किए गए आवेदनों के लिए मान्य होगी।
इसके अलावा, सम्मेलन का पंजीकरण शुल्क भी कम कर दिया गया है। जहाँ सामान्यतः सदस्यों के लिए यह ₹6,000 और गैर-सदस्यों के लिए ₹8,500 होता है, वहीं आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधियों के लिए इसे घटाकर मात्र ₹3,000 कर दिया गया है। पात्र स्थानीय प्रतिनिधि आधिकारिक IATO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले सम्मेलन केवल नेटवर्किंग के अवसर नहीं हैं, बल्कि ये राज्य की आर्थिक संरचना को बदलने की क्षमता रखते हैं। विशाखापत्तनम जैसे शहरों में बड़े सम्मेलनों के आयोजन से स्थानीय परिवहन, आतिथ्य और हस्तशिल्प उद्योगों को तत्काल बूस्ट मिलता है।
यह सम्मेलन आंध्र प्रदेश को भारत के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने का एक रणनीतिक अवसर है।
इस सम्मेलन में 1,000 से अधिक प्रमुख टूर ऑपरेटर्स, घरेलू यात्रा कंपनियों, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियों और एयरलाइन प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह स्थानीय होटल मालिकों, होमस्टे संचालकों और गाइडों के लिए बिना किसी बड़े प्रचार खर्च के सीधे व्यापारिक संबंध बनाने का एक सुनहरा मौका है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
IATO भारत में इनबाउंड पर्यटन का सबसे बड़ा संगठन है, जिसमें देशभर में 2,000 से अधिक सदस्य शामिल हैं। आंध्र प्रदेश ने हाल के वर्षों में अपने तटीय और धार्मिक पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है, और यह सम्मेलन उसी रणनीति का एक हिस्सा है।
Frequently Asked Questions
1. आंध्र प्रदेश के स्थानीय पर्यटन व्यवसायी इस छूट का लाभ कैसे उठा सकते हैं?
वे आधिकारिक IATO पोर्टल (https://iato.in/Register/form) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
2. सदस्यता शुल्क माफी की अंतिम तिथि क्या है?
यह विशेष छूट 31 दिसंबर, 2026 तक आवेदन करने वाले हितधारकों के लिए उपलब्ध है।