हैदराबाद के निम्स संस्थान में डॉक्टरों ने अत्याधुनिक 3D मैपिंग तकनीक का उपयोग करके एक 30 वर्षीय व्यक्ति के जटिल हृदय ताल विकार (Heart Rhythm Disorder) का सफल इलाज किया। यह जटिल प्रक्रिया आरोग्यश्री योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क संपन्न हुई।

  • NIMS हैदराबाद के डॉक्टरों ने 3D मैपिंग और रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन का उपयोग किया।
  • 30 वर्षीय मरीज को गंभीर वेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया और सांस फूलने की समस्या थी।
  • यह पूरी प्रक्रिया 'आरोग्यश्री योजना' के तहत मुफ्त में की गई।
  • मरीज का हृदय ताल अब पूरी तरह सामान्य है।

हैदराबाद स्थित निज़ाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) के विशेषज्ञों ने चिकित्सा विज्ञान की एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के डॉक्टरों ने एक 30 वर्षीय व्यक्ति में पाए जाने वाले जटिल हृदय ताल विकार (Complex Heart Rhythm Disorder) का सफलतापूर्वक उपचार किया है। इस प्रक्रिया में अत्याधुनिक थ्री-डायमेंशनल (3D) मैपिंग और रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) का उपयोग किया गया, जो हृदय के असामान्य विद्युत संकेतों को नियंत्रित करने की एक न्यूनतम आक्रामक (minimally invasive) तकनीक है।

मरीज पिछले दो वर्षों से सीने में दर्द और शारीरिक परिश्रम के दौरान सांस फूलने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था। विभिन्न अस्पतालों में जांच के बाद पता चला कि उसे वेंट्रिकुलर प्रीमैच्योर कॉन्ट्रैक्शन्स (VPCs) की समस्या थी, जिसका अर्थ है कि हृदय के निचले कक्षों से अतिरिक्त धड़कनें उत्पन्न हो रही थीं। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कार्डियक एमआरआई ने संकेत दिया कि उसका बायां वेंट्रिकल बढ़ गया है और रक्त पंप करने में असमर्थ हो रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की उच्च-तकनीकी सर्जरी अक्सर निजी अस्पतालों में अत्यधिक महंगी होती है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग इलाज से वंचित रह जाते हैं। NIMS द्वारा आरोग्यश्री योजना के माध्यम से इस जटिल प्रक्रिया को निःशुल्क करना यह दर्शाता है कि सरकारी संस्थान अब विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने में सक्षम हैं।

अत्याधुनिक 3D मैपिंग तकनीक ने हृदय के भीतर उस सटीक बिंदु को खोजने में मदद की, जहां से असामान्य विद्युत संकेत उत्पन्न हो रहे थे, जिससे जोखिम न्यूनतम हो गया।

NIMS में डॉ. ओ. साई सतीश (सीनियर प्रोफेसर, कार्डियोलॉजी) के नेतृत्व में टीम ने मरीज का मूल्यांकन किया। होल्टर मॉनिटर के माध्यम से पाया गया कि मरीज के हृदय में असामान्य धड़कनों का स्तर अत्यधिक उच्च था। डॉक्टरों ने 3D इलेक्ट्रोएनाटॉमिकल मैपिंग का उपयोग करके पाया कि समस्या एओर्टिक वाल्व के ठीक नीचे स्थित थी।

सफलतापूर्वक किए गए एब्लेशन के बाद, डॉक्टरों ने यह सुनिश्चित किया कि कोरोनरी धमनी या एओर्टिक वाल्व को कोई नुकसान न पहुंचे। सर्जरी के बाद किए गए ईसीजी और होल्टर मॉनिटरिंग में पाया गया कि मरीज के हृदय की धड़कनें अब पूरी तरह सामान्य हैं और VPCs पूरी तरह समाप्त हो गए हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

हृदय ताल विकार (Arrhythmia) सदियों से चिकित्सा जगत के लिए चुनौती रहे हैं। पहले, इन समस्याओं के लिए ओपन-हार्ट सर्जरी की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब 3D मैपिंग जैसी तकनीकों ने इसे बिना चीरा लगाए संभव बना दिया है, जिससे रिकवरी का समय काफी कम हो गया है।

Did You Know?: रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन में रेडियो तरंगों का उपयोग करके हृदय के उस छोटे से हिस्से को 'जला' दिया जाता है जो गलत विद्युत संकेत भेजता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: आरोग्यश्री योजना क्या है?
उत्तर: यह तेलंगाना सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है जो गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के लिए मुफ्त इलाज प्रदान करती है।

प्रश्न 2: 3D हृदय मैपिंग क्या है?
उत्तर: यह एक तकनीक है जो हृदय की विद्युत गतिविधि का एक डिजिटल मॉडल बनाती है ताकि समस्या के सटीक स्थान का पता लगाया जा सके।