कोयंबटूर का रेडियो रूम रेस्टोबार दक्षिण भारतीय व्यंजनों को आधुनिक अंदाज में पेश कर रहा है, जहाँ पारंपरिक बेने डोसा को स्वादिष्ट कॉकटेल के साथ परोसा जा रहा है।
- रेडियो रूम कोयंबटूर में बेने डोसा टैकोस और स्पिरिट-फॉरवर्ड कॉकटेल का विशेष उत्सव।
- मेनू में मटन सुक्का, घी रोस्ट चिकन और केरल बीफ जैसे विविध भरावन शामिल हैं।
- यह उत्सव अगले दो सप्ताह तक चलेगा, जिसमें पारंपरिक स्वाद और आधुनिक बार संस्कृति का मेल है।
तमिलनाडु के कोयंबटूर में खान-पान की संस्कृति एक नए और रोमांचक मोड़ पर है। शहर के मशहूर रेडियो रूम रेस्टोबार ने एक अनूठा 'बार टेकओवर' कार्यक्रम शुरू किया है, जहाँ पारंपरिक दक्षिण भारतीय बेने डोसा को आधुनिक 'टैको' के रूप में और क्लासिक कॉकटेल के साथ पेश किया जा रहा है। यह प्रयोग न केवल स्वाद बल्कि अनुभव को भी एक नई ऊँचाई पर ले जा रहा है।
स्वाद का नया अवतार: डोसा अब टैको के रूप में
रेडियो रूम का यह नया प्रयोग पारंपरिक बेने डोसा को एक वैश्विक स्वरूप देता है। यहाँ डोसा को टैको की तरह परोसा जाता है, जिसके अंदर मटन सुक्का, मंगलोरियन स्टाइल घी रोस्ट चिकन, और जूसी प्रॉउन थोकू जैसे मसालेदार भरावन भरे जाते हैं। शेफ जयचंदिरन के अनुसार, डोसा का बैटर साबूदाना, चना दाल और थोड़ी चीनी से बनाया जाता है, जो इसे वह सिग्नेचर क्रिस्पनेस प्रदान करता है।
शाकाहारी प्रेमियों के लिए भी विकल्प कम नहीं हैं। मेनू में घी रोस्ट जैकफ्रूट और काकिनाडा पनीर जैसे बेहतरीन विकल्प शामिल हैं। यह फ्यूजन भोजन दक्षिण भारतीय जड़ों का सम्मान करते हुए उसे एक समकालीन पहचान देने का प्रयास है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि कोयंबटूर जैसे शहरों में अब लोग केवल भोजन नहीं, बल्कि एक 'अनुभव' की तलाश कर रहे हैं। रेडियो रूम का यह कदम दिखाता है कि कैसे क्षेत्रीय व्यंजनों को वैश्विक तकनीकों के साथ जोड़कर एक नया बाजार बनाया जा सकता है। यह स्थानीय स्वादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
"हम पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजनों को एक समकालीन तरीके से मनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो केवल मैक्सिकन या पैन-एशियन तक सीमित न हो।" - टीवी सेंथिल कुमार, पार्टनर, रेडियो रूम।
रेडियो रूम के पार्टनर टीवी सेंथिल कुमार, प्रदीप अरुमुगम, एस कार्तिक और आर प्रवीण ने इस फ्रैंचाइजी को चेन्नई से कोयंबटूर लाने का निर्णय लिया ताकि शहर की बदलती डाइनिंग संस्कृति को और समृद्ध किया जा सके।
कोकटेल और संस्कृति का मिलन
कोयंबटूर में कॉकटेल संस्कृति अभी भी विकसित हो रही है। रेडियो रूम के विशेषज्ञ ज़हीर का कहना है कि वे क्लासिक कॉकटेल में भारतीय स्पर्श जोड़ रहे हैं, जैसे वासाबी मार्गरीटा और गोचुजांग पालोमा। वे एगेव जैसे प्राकृतिक मिठास का उपयोग करके पेय पदार्थों में सूक्ष्मता लाते हैं।
Frequently Asked Questions
1. रेडियो रूम में बेने डोसा उत्सव कब तक है?
यह विशेष उत्सव अगले दो सप्ताह तक चलेगा।
2. दो लोगों के लिए अनुमानित लागत क्या है?
दो व्यक्तियों के लिए भोजन का खर्च लगभग ₹2500 है।