इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर के नेतृत्व में फिलिस्तीनी कैदियों को भुखमरी, प्रताड़ना और अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

  • 7 अक्टूबर 2023 के बाद इजरायली जेलों में प्रशासनिक हिरासत में रखे गए कैदियों की संख्या 3,200 से अधिक हो गई है।
  • मंत्री इतामार बेन-गवीर ने खुलेआम कैदियों की बदतर होती स्थितियों की प्रशंसा की है।
  • कैदियों ने भारी वजन घटने, चिकित्सा सहायता न मिलने और व्यवस्थित शारीरिक प्रताड़ना की रिपोर्ट दी है।

इजरायली जेल प्रणाली का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर के नियंत्रण में, फिलिस्तीनी कैदियों के साथ व्यवहार अब केवल कठोरता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक सोची-समझी 'क्रूरता की नीति' में बदल दिया गया है। पूर्व कैदियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बयान एक ऐसी तस्वीर पेश करते हैं जहाँ मानवाधिकारों का कोई अस्तित्व नहीं है।

इस त्रासदी के गवाह मुअथ अमरनेह हैं, जो एक फिलिस्तीनी फोटो जर्नलिस्ट हैं। अमरनेह ने दो बार प्रशासनिक हिरासत का सामना किया और इस दौरान उनका वजन 35 किलोग्राम कम हो गया। उन्होंने बताया कि बेन-गवीर सोशल मीडिया पर जो वीडियो दिखाते हैं, वह केवल एक दिखावा है; कैमरों के बंद होते ही कैदियों को घंटों अपमानित किया जाता है और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि जेल प्रणाली का यह हथियारकरण न केवल फिलिस्तीनी बुद्धिजीवियों और पत्रकारों को मानसिक रूप से तोड़ने के लिए है, बल्कि यह इजरायली सरकार के भीतर चरमपंथी विचारधारा के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाता है। 'प्रशासनिक हिरासत' का उपयोग करके राज्य बिना किसी मुकदमे या आरोप के लोगों को कैद कर रहा है, जिससे कानूनी जवाबदेही खत्म हो गई है।

यह गिरावट युद्ध से पहले ही शुरू हो गई थी, जब बेन-गवीर ने कैदियों के लिए रोटी बनाने वाली एकमात्र दो बेकरियां बंद कर दी थीं। अदामीर (Addameer) समूह की पूर्व कार्यकारी निदेशक सहार फ्रांसिस के अनुसार, 7 अक्टूबर के बाद स्थिति और भयावह हो गई। रेड क्रॉस की पहुंच रोक दी गई, वकीलों को प्रवेश से वंचित किया गया और कैदियों के कपड़े व किताबें तक जब्त कर ली गईं।

"जेलें, जहाँ जीवन पहले से ही कठिन था, अब ऐसी जगहों में बदल गई हैं जहाँ जीवन असंभव है: एक ऐसी जगह जो मानव जीवन के लायक नहीं है।"

शारीरिक प्रताड़ना के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक युद्ध भी चलाया जा रहा है। गार्ड्स कैदियों को 'जानवर' कहकर बुलाते हैं और कहते हैं कि 'तुम्हें तो मार ही देना चाहिए था'। चिकित्सा सुविधाओं को बंद कर दिया गया है; चश्मे जब्त कर लिए गए हैं और नहाने के बाद कैदियों को जानबूझकर बारिश में खड़ा किया जाता है ताकि वे बीमार पड़ें।

मानक/स्थिति 7 अक्टूबर 2023 से पहले 7 अक्टूबर 2023 के बाद
प्रशासनिक बंदी लगभग 1,300 3,200 से अधिक
कानूनी/बाहरी पहुंच नियमित वकील/रेड क्रॉस मुलाकात निलंबित/अत्यधिक प्रतिबंधित
बुनियादी सुविधाएं मानक जेल राशन बेकरी बंद, कपड़े जब्त
क्या आप जानते हैं?: प्रशासनिक हिरासत एक ऐसा कानूनी उपकरण है जिसके माध्यम से इजरायल किसी व्यक्ति को बिना किसी औपचारिक आरोप या अदालत में सबूत पेश किए अनिश्चित काल के लिए कैद रख सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशासनिक हिरासत क्या है?
यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें व्यक्तियों को बिना किसी मुकदमे या विशिष्ट आरोपों के कैद किया जाता है, जो केवल 'गुप्त सबूतों' पर आधारित होता है।

इतामार बेन-गवीर कौन हैं?
वह इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री हैं जो जेल प्राधिकरण की देखरेख करते हैं और अपनी कट्टरपंथी नीतियों के लिए जाने जाते हैं।