महाराष्ट्र कैबिनेट ने 2029 तक राज्य से नशीली दवाओं के उन्मूलन के लिए 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच' नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत स्कूलों में कक्षा 5 से नशा जागरूकता पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा।

  • 2029 तक महाराष्ट्र को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य।
  • कक्षा 5 से स्कूली पाठ्यक्रम में नशा जागरूकता पाठ अनिवार्य।
  • नशा नियंत्रण के लिए चार मुख्य स्तंभ: प्रवर्तन, आपूर्ति में कमी, मांग में कमी और पुनर्वास।
  • सभी सरकारी विभागों को एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के साथ समन्वय करना होगा।

मुंबई: महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 'ड्रग-फ्री इंडिया कैंपेन' के हिस्से के रूप में 2029 तक राज्य से नशीली दवाओं के उपयोग को पूरी तरह समाप्त करने के लिए 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच' (Whole-of-Government Approach) नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

शिक्षा के माध्यम से जागरूकता

इस नीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शिक्षा क्षेत्र में किया जाने वाला बदलाव है। सरकार ने निर्णय लिया है कि आगामी शैक्षणिक वर्ष 2027 से, कक्षा 5 और उससे ऊपर के छात्रों के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में कम से कम एक 'नशा जागरूकता' पाठ शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 'मुख्यमंत्री मेरा स्कूल, सुंदर स्कूल - चरण 3' कार्यक्रम के तहत नशा जागरूकता पहल करने वाले स्कूलों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।

कार्यान्वयन की रणनीति

नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायित्वों को ग्राम स्तर से लेकर जिला, संभाग और मंत्रालय स्तर तक विभाजित किया गया है। मंत्रालय स्तर पर, प्रत्येक विभाग एक उप सचिव रैंक के अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त करेगा, जो एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के साथ समन्वय करेगा।

नशा मुक्ति केवल कानून प्रवर्तन का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से पीढ़ीगत बदलाव लाने का मिशन है।

नशा मुक्ति के चार स्तंभ

महाराष्ट्र सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए चार प्रमुख स्तंभों की पहचान की है:
1. नशीली दवाओं के नियंत्रण उपायों का प्रभावी प्रवर्तन।
2. नशीली दवाओं की आपूर्ति में भारी कमी लाना।
3. नशीली दवाओं की मांग को प्रभावी ढंग से कम करना।
4. व्यसन मुक्ति, उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था करना।

राजस्व, कृषि और वन विभाग नशीली दवाओं की आपूर्ति को रोकने के लिए जिम्मेदार होंगे, जबकि खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) तथा उद्योग विभाग अवैध रूप से निर्मित सिंथेटिक नशीले पदार्थों पर कार्रवाई करेंगे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार का यह कदम न केवल अपराध दर को कम करने के लिए है, बल्कि राज्य की युवा जनसांख्यिकी को सुरक्षित करने के लिए एक रणनीतिक निवेश है। शिक्षा को इसमें शामिल करना यह दर्शाता है कि सरकार समस्या के मूल कारण—मांग—को लक्षित कर रही है।

पुरस्कार और प्रोत्साहन

उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा हर साल 26 जून को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिले को पुरस्कृत किया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए मूल्यांकन अवधि 2 अक्टूबर से 30 अप्रैल तक रखी गई है।

Did You Know?: नशा मुक्ति के लिए केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि कृषि और वन विभाग भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे ताकि अवैध खेती को रोका जा सके।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव कब से लागू होगा?
उत्तर: यह बदलाव शैक्षणिक वर्ष 2027 से कक्षा 5 और उससे ऊपर के छात्रों के लिए लागू होगा।

प्रश्न 2: नशा मुक्त जिले के लिए पुरस्कार कब दिया जाएगा?
उत्तर: सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिले को हर साल 26 जून को पुरस्कार दिया जाएगा।