पुणे में 37 वर्षों से चली आ रही प्रतिष्ठित MH-12 वाहन पंजीकरण संख्या समाप्त हो गई है, जिसके कारण अब नए वाहनों के लिए MH-61 कोड का उपयोग किया जाएगा।

  • पुणे में 37 साल बाद MH-12 पंजीकरण कोड समाप्त हो गया है।
  • सोमवार से नए वाहनों के लिए MH-61 कोड का उपयोग शुरू होगा।
  • सरकार MH-12 पहचान को बनाए रखने के लिए नए प्रारूप पर विचार कर रही है।

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और औद्योगिक केंद्र पुणे के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव का समय आ गया है। पिछले 37 वर्षों से शहर की सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की पहचान MH-12 कोड से होती थी, लेकिन अब यह प्रतिष्ठित नंबर समाप्त हो गया है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने घोषणा की है कि नए वाहनों का पंजीकरण अब MH-61 कोड के तहत किया जाएगा।

यह परिवर्तन तब हुआ जब MH-12 के तहत उपलब्ध सभी अल्फ़ान्यूमेरिक संयोजन (alphanumeric combinations) समाप्त हो गए। एक वरिष्ठ RTO अधिकारी के अनुसार, अंतिम 'ZZ' सीरीज के सभी 9,999 नंबर इस सप्ताह की शुरुआत में ही खत्म हो गए। पुणे महाराष्ट्र का पहला ऐसा शहर बन गया है जहाँ मौजूदा प्रारूप में पंजीकरण संख्या समाप्त हुई है।

क्यों है यह बदलाव महत्वपूर्ण?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक नंबर का बदलाव नहीं है, बल्कि पुणे की पहचान से जुड़ा मुद्दा है। MH-12 कोड 1 जुलाई, 1989 से पुणे की सड़कों की शान रहा है। परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर ने स्पष्ट किया है कि MH-61 का उपयोग एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में किया जा रहा है। प्रशासन वर्तमान में केंद्र सरकार से एक संशोधित प्रारूप के लिए बातचीत कर रहा है ताकि पुणे की मूल 'MH-12' पहचान को किसी न किसी रूप में सुरक्षित रखा जा सके।

पुणे की पहचान MH-12 से जुड़ी है, और वर्तमान में MH-61 केवल एक तकनीकी समाधान है जब तक कि नियमों में बदलाव नहीं होता।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि MH-12 की पहचान बनाए रखने के लिए तीन विकल्प सुझाए गए थे: MH-12 1A प्रारूप, MH-12 A1 प्रारूप, या पंजीकरण प्रारूप को बढ़ाकर 11 अक्षरों का करना। हालांकि, इनमें से अंतिम विकल्प को केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन की आवश्यकता के कारण खारिज कर दिया गया था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पुणे में वाहनों का पंजीकरण 1989 में केंद्र सरकार द्वारा अपनाए गए नए राष्ट्रीय प्रारूप के बाद से MH-12 कोड के तहत किया जा रहा था। वर्तमान में पुणे RTO के तहत 44.88 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। अधिकारियों का कहना है कि 2011 के बाद से पंजीकृत वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे नंबरों की कमी का मुख्य कारण बना है।

Did You Know?: एक मानक पंजीकरण प्रारूप में लगभग 59 लाख से अधिक संयोजन बनाए जा सकते हैं, लेकिन पुणे की विशाल वाहन संख्या ने इस सीमा को छू लिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या पुराने MH-12 नंबर वाले वाहनों को बदलना होगा?
नहीं, केवल नए पंजीकृत वाहनों के लिए MH-61 कोड लागू होगा। पुराने वाहनों के नंबर वही रहेंगे।

2. क्या MH-12 वापस आ सकता है?
हाँ, सरकार नए प्रारूप (जैसे MH-12 1A) पर विचार कर रही है जिससे पहचान बनी रहे।