दिल्ली जल बोर्ड ने यमुना नदी को साफ करने के लिए ₹4,500 करोड़ के विशाल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, जिसमें नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल है।

मुख्य बातें

  • यमुना पुनर्जीवन के लिए ₹4,500 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है।
  • 15 नए विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTPs) स्थापित किए जाएंगे।
  • सीवेज उपचार क्षमता को 749 MGD से बढ़ाकर 1,041 MGD करने का लक्ष्य है।
  • वजीराबाद पॉन्डेज क्षेत्र का पुनरुद्धार और 250 वाटर एटीएम की स्थापना की जाएगी।

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने यमुना नदी के कायाकल्प के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लगभग ₹4,500 करोड़ की लागत वाली परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बुधवार को घोषणा की कि इस योजना के तहत 15 नए विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTPs), सीवर नेटवर्क का विस्तार, मौजूदा एसटीपी का उन्नयन और स्लज प्रबंधन सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

मंत्री सिंह ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए सही बुनियादी ढांचे का निर्माण अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जब वर्तमान सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब सीवेज उपचार क्षमता केवल 749 मिलियन गैलन प्रति दिन (MGD) थी, जिसे अब बढ़ाकर 1,041 MGD करने की योजना है। इस नई मंजूरी के बाद, दिल्ली में कुल 28 DSTPs पर काम चल रहा होगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या अनधिकृत कॉलोनियों से सीधे नदी में गिरने वाला सीवेज है। DSTPs इस समस्या का समाधान करेंगे क्योंकि ये सीवेज के स्रोत के पास ही उपचार करेंगे, जिससे लंबी पाइपलाइनों की आवश्यकता कम होगी और प्रदूषण का स्तर तेजी से गिरेगा।

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार प्रणाली (DSTP) सबसे प्रभावी समाधान साबित होगी।

इसके अतिरिक्त, सरकार वजीराबाद पॉन्डेज क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए भी काम करेगी, जिससे कच्चे पानी के भंडारण की क्षमता एक दिन से बढ़कर दो-तीन दिन हो जाएगी। साथ ही, आम जनता की सुविधा के लिए ₹58 करोड़ की लागत से 250 वाटर एटीएम लगाए जाएंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले साल जुलाई में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना के पुनर्जीवन पर एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। उन्होंने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि 2028 तक सीवेज उपचार क्षमता को लगभग दोगुना करके 1,500 MGD तक पहुँचाया जाए।

क्या आप जानते हैं?: विकेंद्रीकृत प्लांट (DSTP) बड़े एसटीपी की तुलना में कम जगह लेते हैं और स्थानीय स्तर पर कचरे का निपटान कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: DSTP क्या है और यह क्यों जरूरी है?
उत्तर: DSTP का अर्थ है विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट। यह सीवेज को उसके स्रोत के पास ही साफ करता है, जिससे नदी में प्रदूषण कम होता है।

प्रश्न 2: यमुना सफाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य सीवेज उपचार क्षमता बढ़ाना और यमुना में गिरने वाले अनुपचारित कचरे को रोकना है।