भारत सरकार ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) के चरण‑II के लिए सार्वजनिक‑निजी साझेदारी (PPP) मॉडल अपनाते हुए ₹14,527 करोड़ का अनुमानित बजट घोषित किया है। यह कदम ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और देश के तेल भंडारण क्षमता को 6.5 मिलियन मीट्रिक टन तक बढ़ाने के उद्देश्य से है।

मुख्य बिंदु

  • SPR चरण‑II के लिये कुल परियोजना लागत ₹14,527 करोड़
  • वित्तीय सहायता (VGF) सरकार की ओर से कुल लागत का 60 % तक सीमित
  • ओडिशा में 4 MMT और कर्नाटक में 2.5 MMT नई क्षमता जोड़ने की योजना

परियोजना का अवलोकन

भारत ने पहले चरण में विसाखापट्टनम, मंगलौर और पादुड़ में कुल 5.33 MMT क्षमता वाले रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार स्थापित किए, जो 2016‑2018 के बीच पूर्ण हुए। अब चरण‑II में दो अतिरिक्त व्यावसायिक‑साथ‑रणनीतिक भंडार बनाकर क्षमता को 6.5 MMT तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

वित्तीय संरचना और PPP मॉडल

संघीय पेट्रोलियम मंत्रालय के राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि इस चरण के लिए VGF (वायबिलिटी गैप फंडिंग) सरकार द्वारा कुल परियोजना लागत के अधिकतम 60 % तक प्रदान किया जाएगा। शेष वित्तीय बोझ निजी भागीदारों द्वारा उठाया जाएगा, जिससे परियोजना का व्यावसायिक आकर्षण बढ़ेगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that strengthening strategic reserves through PPP not only safeguards against global oil price volatility but also creates a new revenue stream for private investors, aligning national security with economic growth.

"रणनीतिक भंडार का विस्तार भारत को तेल आपूर्ति में बाहरी शॉक से बचाने के साथ-साथ निजी क्षेत्र की वित्तीय भागीदारी को भी प्रोत्साहित करता है," कहा ऊर्जा विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

2021 में सरकार ने 6.5 MMT अतिरिक्त भंडार क्षमता के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें ओडिशा में 4 MMT और कर्नाटक में 2.5 MMT का वितरण तय हुआ। यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति के तहत वैश्विक तेल बाजार में उतार‑चढ़ाव से निपटने के लिए एक दीर्घकालिक समाधान माना जाता है।

क्या आप जानते हैं?: भारत का पहला रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार 2015 में शुरू हुआ था, जो तब से लगातार विस्तार के चरणों में रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: चरण‑II में कौन‑से नए स्थानों पर भंडार बनेंगे?
उत्तर: अभी तक अंतिम स्थल चयन जारी है, लेकिन ओडिशा और कर्नाटक के संभावित साइटों की लगातार मूल्यांकन प्रक्रिया चल रही है।

प्रश्न 2: VGF की सीमा 60 % क्यों निर्धारित की गई है?
उत्तर: यह सीमा सरकारी खर्च को नियंत्रित रखते हुए निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए संतुलित की गई है।