अमेरिकी अपील अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के उस प्रयास को खारिज कर दिया है जिसमें नए H-1B वीजा पर $100,000 का भारी शुल्क लगाने की कोशिश की जा रही थी। अदालत ने माना कि यह शुल्क बिना कांग्रेस की अनुमति के एक अवैध कर के समान है।
मुख्य बिंदु
- अमेरिकी अपील अदालत ने H-1B वीजा पर $100,000 के शुल्क को अवैध घोषित करने वाले फैसले को बरकरार रखा।
- अदालत ने कहा कि सरकार यह साबित करने में विफल रही कि उसके पास इस शुल्क को लगाने का कानूनी अधिकार है।
- यह निर्णय उन कुशल विदेशी श्रमिकों के लिए बड़ी राहत है जो अमेरिकी टेक कंपनियों में काम करते हैं।
बोस्टन स्थित 1st US Circuit Court of Appeals ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निचली अदालत के जून के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। निचली अदालत ने $100,000 के इस भारी शुल्क को इसलिए रद्द कर दिया था क्योंकि यह एक ऐसा 'अवैध कर' था जिसे अमेरिकी कांग्रेस ने कभी अधिकृत नहीं किया था।
कानूनी संघर्ष की पृष्ठभूमि
यह मामला 20 डेमोक्रेटिक राज्यों के अटॉर्नी जनरल द्वारा दायर की गई एक मुकदमेबाजी का परिणाम है। ट्रंप प्रशासन ने सितंबर में एक उद्घोषणा जारी की थी, जिसका उद्देश्य H-1B वीजा की लागत को अत्यधिक बढ़ाकर विदेशी श्रमिकों के प्रवेश को रोकना था। ट्रंप का तर्क था कि इस कार्यक्रम का उपयोग अमेरिकी श्रमिकों के स्थान पर कम वेतन वाले विदेशी श्रमिकों को लाने के लिए किया जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह फैसला वैश्विक टेक उद्योग और विशेष रूप से भारतीय पेशेवरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। H-1B कार्यक्रम के तहत प्रति वर्ष 65,000 सामान्य वीजा और 20,000 उन्नत डिग्री वाले श्रमिकों के लिए वीजा दिए जाते हैं। यदि यह शुल्क लागू हो जाता, तो टेक कंपनियों के लिए विदेशी प्रतिभाओं को नियुक्त करना लगभग असंभव हो जाता।
अदालत का यह निर्णय स्पष्ट करता है कि राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्तियां विधायी शक्तियों (कांग्रेस) का अतिक्रमण नहीं कर सकतीं।
| विवरण | पुराना शुल्क ढांचा | ट्रंप का प्रस्तावित शुल्क |
|---|---|---|
| अनुमानित लागत | $2,000 - $5,000 | $100,000 |
| कानूनी स्थिति | वैध और स्वीकृत | अवैध (अदालत द्वारा रद्द) |
| प्रभाव | टेक कंपनियों के लिए सुलभ | अत्यधिक महंगा और प्रतिबंधित |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या यह निर्णय केवल भारतीयों पर लागू होता है?
नहीं, यह सभी कुशल विदेशी श्रमिकों पर लागू होता है, जिनमें भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है।
2. क्या ट्रंप प्रशासन इस फैसले के खिलाफ फिर से अपील कर सकता है?
प्रशासन के पास उच्च न्यायालयों में जाने का विकल्प है, लेकिन वर्तमान में निचली अदालत का आदेश प्रभावी है।