केरल के एक उपभोक्ता फोरम ने एक्सपायर्ड कॉस्मेटिक उत्पाद बेचने के लिए एक दुकान पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। फोरम ने कहा कि एक्सपायर्ड सामान बेचना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है और इससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे हो सकते हैं। अदालत ने दुकानदार को उत्पाद की कीमत वापस करने और टिकाऊ बिल देने का भी निर्देश दिया।

मुख्य बातें

  • एक्सपायर्ड यार्डले लंदन कॉस्मेटिक बेचने पर दुकानदार पर 15,000 रुपये का जुर्माना।
  • उपभोक्ता फोरम ने व्यवसायों को स्पष्ट और लंबे समय तक चलने वाले बिल जारी करने का निर्देश दिया।
  • एक्सपायर्ड उत्पाद बेचना उपभोक्ता सुरक्षा का उल्लंघन और अनुचित व्यापार व्यवहार है।

केरल के एक उपभोक्ता फोरम ने एक कॉस्मेटिक स्टोर को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया है। शिकायतकर्ता महिला ने 175 रुपये में यार्डले लंदन इंग्लिश ब्लॉसम कॉस्मेटिक खरीदा था, लेकिन बाद में पता चला कि यह उत्पाद बिक्री की तारीख से तीन महीने पहले ही एक्सपायर हो चुका था। आयोग ने स्टोर को पैसे वापस करने और भारी मुआवजा देने का आदेश दिया।

शिकायत के अनुसार, महिला ने यह उत्पाद 19 मार्च 2023 को खरीदा था, जबकि इसकी एक्सपायरी तिथि 12 दिसंबर 2022 थी। जब वह शिकायत लेकर दुकान पर पहुंची, तो कर्मचारियों ने उसके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया और उसे कोर्ट जाने की चुनौती दी। इसके अलावा, स्टोर द्वारा दिया गया बिल इतनी खराब गुणवत्ता का था कि उसका प्रिंट जल्द ही उड़ गया, जिसे सबूत मिटाने की कोशिश बताया गया।

मामले के मुख्य तथ्य

मानदंडविवरण
उत्पाद की कीमत₹175
खरीद की तारीख19 मार्च, 2023
एक्सपायरी तिथि12 दिसंबर, 2022
कुल जुर्माना/मुआवजा₹15,000

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में उपभोक्ता अब अपने अधिकारों को लेकर बेहद जागरूक हो चुके हैं। वे खुदरा विक्रेताओं की लापरवाही या उनके अड़ियल रवैये को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। यह फैसला एक कड़ा कानूनी संदेश देता है कि भले ही खरीद की राशि छोटी हो, लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा और सम्मान से खिलवाड़ करने पर कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

"एक्सपायर्ड सामान बेचना केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे उपभोक्ता अदालतें कभी स्वीकार नहीं करेंगी।"

उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सी टी साबू और सदस्यों श्रीजा एस और राम मोहन ने उत्पाद की जांच की और एक्सपायरी तिथि की पुष्टि की। चूंकि दुकान का कोई प्रतिनिधि सुनवाई में शामिल नहीं हुआ, इसलिए अदालत ने एकतरफा फैसला सुनाया। कोर्ट ने महिला की 1 लाख रुपये के मुआवजे की मांग को अधिक बताते हुए खारिज कर दिया, लेकिन मानसिक परेशानी के लिए 10,000 रुपये और अदालती खर्च के लिए 5,000 रुपये मंजूर किए।

क्या आप जानते हैं?: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत, उपभोक्ता अब घर बैठे 'ई-दाखिल' (e-Daakhil) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या दुकानदार एक्सपायर्ड सामान वापस लेने से मना कर सकता है?
उत्तर 1: नहीं, एक्सपायर्ड उत्पाद बेचना पूरी तरह से गैरकानूनी है। दुकानदार को पैसे वापस करने होंगे, अन्यथा उसे भारी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

प्रश्न 2: अगर बिल का प्रिंट फीका पड़ जाए तो क्या करें?
उत्तर 2: आप सबूत के तौर पर डिजिटल पेमेंट स्क्रीनशॉट, बैंक स्टेटमेंट या यूपीआई ट्रांजैक्शन हिस्ट्री का उपयोग उपभोक्ता फोरम में कर सकते हैं।