कैलिफोर्निया के सीनेटर एलेक्स पाडिया ने लाखों लंबे समय से रह रहे निवासियों, विशेष रूप से H-1B वीजा धारकों को स्थायी निवास का मार्ग प्रदान करने के लिए एक नए बिल का प्रस्ताव दिया है।

मुख्य बातें

  • सीनेटर एलेक्स पाडिया ने 'इमिग्रेशन एक्ट ऑफ 1929' के प्रावधानों को नवीनीकृत करने के लिए बिल पेश किया।
  • यह बिल 8 मिलियन से अधिक लोगों, जिनमें H-1B पेशेवर और 'ड्रीमर्स' शामिल हैं, को ग्रीन कार्ड का रास्ता दे सकता है।
  • प्रस्तावित कानून 1972 की पुरानी कटऑफ तारीख को बदलकर एक गतिशील पात्रता तिथि लागू करने का सुझाव देता है।

अमेरिकी सीनेटर एलेक्स पाडिया ने सोमवार को अपने महत्वाकांक्षी बिल, 'रिन्यूइंग इमिग्रेशन प्रोविजन्स ऑफ द इमिग्रेशन एक्ट ऑफ 1929' को फिर से जीवित कर दिया है। इस बिल का उद्देश्य अमेरिका में लंबे समय से रह रहे लाखों निवासियों को कानूनी स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) प्रदान करने के लिए एक स्पष्ट मार्ग तैयार करना है।

पाडिया ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस उन लाखों लोगों की अनदेखी नहीं कर सकती जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था और समुदायों में प्रतिदिन योगदान दे रहे हैं। यह बिल विशेष रूप से उन H-1B वीजा धारकों, 'ड्रीमर्स' (बचपन से अमेरिका में आए अनौपचारिक प्रवासी), और आवश्यक श्रमिकों के लिए एक जीवनरेखा हो सकता है जो वर्षों से अनिश्चितता के साये में जी रहे हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वर्तमान अमेरिकी आप्रवासन प्रणाली दशकों पुरानी और अप्रभावी हो चुकी है। वर्तमान में, 1972 की कटऑफ तारीख के कारण अधिकांश योग्य लोग पंजीकरण से वंचित रह जाते हैं। यदि यह बिल पारित होता है, तो यह न केवल सामाजिक स्थिरता लाएगा बल्कि उच्च कुशल पेशेवरों के लिए भी कानूनी बाधाओं को कम करेगा।

"कांग्रेस उन लाखों लंबे समय तक रहने वाले निवासियों की अनदेखी नहीं कर सकती जो हर दिन हमारी अर्थव्यवस्था और समुदायों में योगदान देते हैं।" - एलेक्स पाडिया

यह कानून विशेष रूप से भारतीय पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, प्रति-देश कोटा प्रणाली के कारण भारतीय H-1B धारक ग्रीन कार्ड के लिए दशकों तक प्रतीक्षा कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के लंबित बैकलॉग में लगभग 80% हिस्सा भारतीयों का है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वर्तमान 'रजिस्ट्री प्रावधान' (Section 249) को पहली बार 1929 में संहिताबद्ध किया गया था और अंतिम बार 1986 में रीगन प्रशासन के दौरान अपडेट किया गया था। वर्तमान पात्रता कटऑफ तिथि 1 जनवरी, 1972 है, जो आधुनिक आव्रजन वास्तविकता के साथ मेल नहीं खाती है।

क्या आप जानते हैं?: वर्तमान नियमों के तहत 2015 और 2019 के बीच केवल 305 लोगों ने ही अपनी आप्रवासन स्थिति को सफलतापूर्वक समायोजित किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: यह बिल किन लोगों को प्रभावित करेगा?
उत्तर: यह बिल H-1B वीजा धारकों, ड्रीमर्स, अस्थायी संरक्षित स्थिति (TPS) वाले व्यक्तियों और आवश्यक श्रमिकों सहित 8 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करेगा।

प्रश्न 2: भारतीय पेशेवरों के लिए इसमें क्या खास है?
उत्तर: यह बिल मौजूदा 'कटऑफ' प्रणाली को बदलकर लंबी प्रतीक्षा अवधि को कम करने का प्रयास करता है, जिससे भारतीय पेशेवरों को राहत मिल सकती है।