AIADMK महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में तमिलनाडु में राज्यव्यापी प्रदर्शन हुआ। इस विरोध प्रदर्शन ने पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक संघर्ष और बगावियों के बीच बढ़ते विभाजन को स्पष्ट कर दिया है।
मुख्य बातें
- AIADMK ने फसल ऋण माफी और मेकेडातु बांध मुद्दे पर TVK सरकार का विरोध किया।
- पूर्व बगावती नेता अब पलानीस्वामी के साथ वापस आ रहे हैं।
- पार्टी में आंतरिक विभाजन और नेतृत्व की लड़ाई तेज हो गई है।
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। AIADMK महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में शुक्रवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस आंदोलन की सबसे खास बात यह रही कि पलानीस्वामी के समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पार्टी के भीतर चल रहे बगावत के सुर कमजोर होते दिख रहे हैं।
विरोध के मुख्य कारण
यह प्रदर्शन तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ किया गया था। AIADMK ने सरकार पर सहकारी फसल ऋणों को पूरी तरह से माफ न करने, मेकेडातु बांध मुद्दे पर ढुलमुल रवैया अपनाने और कावेरी जल विवाद में राज्य के हिस्से को सुरक्षित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। इसके अलावा, किसानों के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
थंजावुर में आयोजित रैली को पलानीस्वामी ने संबोधित किया, जिसमें उनके प्रमुख सहयोगी ओ.एस. मानियन और पूर्व खाद्य मंत्री आर. कामराज शामिल थे। गौरतलब है कि कामराज कुछ महीने पहले तक बगावत करने वाले गुट का हिस्सा थे।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन केवल सरकारी नीतियों के खिलाफ नहीं है, बल्कि AIADMK के भीतर शक्ति संतुलन को फिर से स्थापित करने का एक प्रयास है। बगावत करने वाले नेताओं का वापस पलानीस्वामी के खेमे में आना यह संकेत देता है कि पार्टी का नेतृत्व फिर से एकजुट हो रहा है।
पलानीस्वामी का यह कदम पार्टी के भीतर बिखरे हुए गुटों को एक साझा दुश्मन—सत्ताधारी सरकार—के खिलाफ एकजुट करने की रणनीति है।
हाल ही में, पलानीस्वामी ने उन नेताओं को पार्टी पदों से हटा दिया था जिन्होंने विधानसभा में TVK सरकार के विश्वास मत में साथ दिया था। हालांकि, अब पूर्व बिजली मंत्री पी. थंगमणि जैसे नेताओं का वापस आना पार्टी के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: AIADMK ने किन मुद्दों पर विरोध किया?
उत्तर: मुख्य रूप से फसल ऋण माफी, मेकेडातु बांध मुद्दा और कावेरी जल अधिकार के लिए।
प्रश्न 2: प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
उत्तर: प्रदर्शन का नेतृत्व AIADMK महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने किया।