बीएमसी ने बांद्रा के प्रतिष्ठित नेविल डिसूजा फुटबॉल मैदान के आरक्षण को बदलने की मंजूरी दे दी है। अब इस खेल के मैदान की जगह एक भव्य कन्वेंशन और प्रदर्शनी केंद्र बनाया जाएगा।
- बीएमसी की जनरल बॉडी ने नेविल डिसूजा मैदान के आरक्षण को बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
- मैदान की जगह अब एक कन्वेंशन और प्रदर्शनी केंद्र बनाया जाएगा।
- विपक्ष ने शहर में घटते खुले स्थानों के मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया है।
- मुंबई जिला फुटबॉल एसोसिएशन (MFA) ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
मुंबई के बांद्रा स्थित प्रतिष्ठित नेविल डिसूजा फुटबॉल मैदान के भविष्य पर एक बड़ा फैसला लिया गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की जनरल बॉडी ने मंगलवार रात इस मैदान के आरक्षण को बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद, अब इस खेल के मैदान की जगह एक अत्याधुनिक कन्वेंशन और प्रदर्शनी केंद्र बनाया जाएगा।
यह निर्णय मुंबई के खेल प्रेमियों और स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। 2018 में शुरू किया गया यह मैदान शहर के उन गिने-चुने समर्पित फुटबॉल मैदानों में से एक था, जो स्थानीय क्लबों और खिलाड़ियों के लिए जीवन रेखा के समान था। विपक्ष ने इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मुंबई में पहले से ही खुले स्थानों और पार्कों की भारी कमी है, और ऐसे में खेल के मैदानों को खत्म करना शहर के स्वास्थ्य और विकास के लिए हानिकारक है।
विरोध और कानूनी लड़ाई
कांग्रेस कॉर्पोरेटर राजा रहेबर खान ने मैदान की सुरक्षा की मांग करते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि वह खुद इसी मैदान पर खेलकर बड़े हुए हैं और यह मैदान 200 से अधिक फुटबॉल क्लबों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विकास योजना (DP) में 5 हेक्टेयर का क्षेत्र कन्वेंशन सेंटर के लिए आरक्षित है, तो केवल इस 8,000 वर्ग मीटर के फुटबॉल मैदान को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
खेल के मैदानों का शहरीकरण में बलिदान देना मुंबई की खेल संस्कृति के लिए एक अपूरणीय क्षति होगी।
इस मामले में कानूनी मोड़ भी आ चुका है। मुंबई जिला फुटबॉल एसोसिएशन (MFA) ने इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने बीएमसी और राज्य सरकार को 24 अगस्त तक इस मामले पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सरकार का पक्ष: क्यों लिया गया यह निर्णय?
दूसरी ओर, सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने इस बदलाव का बचाव किया है। भाजपा कॉर्पोरेटर स्वप्ना म्हात्रे ने तर्क दिया कि यह जमीन मूल रूप से MHADA द्वारा कन्वेंशन सेंटर के रूप में आरक्षित की गई थी। उन्होंने कहा कि मैदान की खराब स्थिति और आसपास की झुग्गियों के कारण वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने लगा था। सरकार का दावा है कि फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए अन्य विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मुंबई जैसे घने बसे महानगर में 'उपयोगिता बनाम खेल' (Utility vs Sports) का संघर्ष गहराता जा रहा है। जैसे-जैसे बुनियादी ढांचे की मांग बढ़ रही है, सार्वजनिक खेल स्थलों का सिमटना एक गंभीर शहरी नियोजन चुनौती है। यह मामला तय करेगा कि भविष्य में मुंबई के विकास में 'ग्रीन स्पेस' को कितनी प्राथमिकता मिलेगी।
Frequently Asked Questions
1. नेविल डिसूजा मैदान में क्या बदलाव होने वाला है?
इस फुटबॉल मैदान को हटाकर वहां एक कन्वेंशन और प्रदर्शनी केंद्र बनाया जाएगा।
2. फुटबॉल एसोसिएशन ने क्या कदम उठाया है?
मुंबई जिला फुटबॉल एसोसिएशन (MFA) ने इस निर्णय को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है।