केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में आत्महत्या के मामलों ने 2025 में पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसमें अधिकांश घटनाएं ड्यूटी के दौरान हुई हैं। यह डेटा सुरक्षा बलों के मानसिक स्वास्थ्य और सेवा के दबाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुख्य बातें
- 2025 में CRPF में आत्महत्या के 59 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक हैं।
- 77% से अधिक मौतें ड्यूटी के दौरान हुई हैं।
- 84% मामलों में गैर-राजपत्रित अधिकारी (Constables/Head Constables) शामिल थे।
- मुख्य कारणों में पारिवारिक समस्याएं और कठिन सेवा स्थितियां शामिल हैं।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के भीतर आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं ने देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा बल की कार्यप्रणाली और जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ा दी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2025 में दर्ज किए गए 59 आत्महत्या के मामले पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक हैं।
ड्यूटी के दौरान बढ़ते मामले
आंकड़ों का विश्लेषण करने पर एक भयावह सच्चाई सामने आई है। 2021 से 2025 के बीच दर्ज किए गए कुल 262 मामलों में से, 77% से अधिक मौतें ड्यूटी के दौरान हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 202 मामलों में जवान अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, जबकि शेष मामलों में वे छुट्टी पर थे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सुरक्षा बलों की परिचालन क्षमता और उनके मानसिक स्वास्थ्य के बीच एक गहरा असंतुलन पैदा हो रहा है। जब 95-97% बल आतंकवाद विरोधी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के कठिन कार्यों में लगा हो, तो मानसिक तनाव और पारिवारिक अलगाव का जोखिम अत्यधिक बढ़ जाता है।
ड्यूटी के दौरान होने वाली ये मौतें केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं हैं, बल्कि यह बल के भीतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती हैं।
CRPF के लगभग 3.25 लाख कर्मियों में से अधिकांश गैर-राजपत्रित रैंक (जैसे कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल) के हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में आत्महत्या करने वालों में से 84% इसी श्रेणी से थे। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मामलों के पीछे पारिवारिक मुद्दे और सेवा की कठोरता मुख्य कारण रहे हैं।
ऐतिहासिक डेटा का तुलनात्मक विवरण
| वर्ष | आत्महत्या के मामले |
|---|---|
| 2021 | 57 |
| 2022 | 43 |
| 2023 | 57 |
| 2024 | 46 |
| 2025 | 59 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या CRPF इन मामलों को रोकने के लिए कदम उठा रही है?
उत्तर: हाँ, अधिकारियों ने कहा है कि जवानों के शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रश्न 2: अधिकांश आत्महत्याएं किस रैंक के जवानों ने की हैं?
उत्तर: अधिकांश मामले गैर-राजपत्रित अधिकारियों (जैसे कॉन्स्टेबल) के रहे हैं, जो कुल मामलों का लगभग 84% है।