CAG की रिपोर्ट के बाद संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने रक्षा मंत्रालय से वेतन भुगतान में देरी और सैन्य अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर तीखे सवाल पूछे हैं।
मुख्य बातें
- 6 लाख से अधिक वेतन आदेश बिना किसी कारण के खारिज किए गए।
- सैन्य अस्पतालों में बिना लाइसेंस वाली एक्स-रे मशीनों का संचालन पाया गया।
- लैंसडाउन में अस्पताल का हिस्सा ढहने के पीछे ऑडिट में लापरवाही सामने आई।
- रिटायरमेंट के समय सैनिकों से अचानक बड़ी राशि वसूली का मामला भी उजागर हुआ।
संसद की लोक लेखा समिति (PAC), जिसका नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल कर रहे हैं, ने रक्षा मंत्रालय को CAG की हालिया रिपोर्ट के आधार पर कड़ी फटकार लगाई है। रिपोर्ट में जूनियर कमिशन अधिकारियों (JCOs) के वेतन वितरण में लगातार हो रही देरी और प्रशासनिक खामियों का खुलासा किया गया है।
वेतन और वित्तीय अनियमितताएं
CAG द्वारा किए गए ऑडिट के अनुसार, 2020-21 से 2022-23 के बीच ₹3,09,975.07 करोड़ के वेतन और भत्तों का प्रबंधन किया गया। ऑडिट में पाया गया कि वेतन प्रक्रिया में औसतन 68 से 80 दिन का समय लगता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 6 लाख से अधिक वेतन आदेशों को बिना किसी लिखित कारण के मैन्युअल रूप से खारिज कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, 50,646 कर्मियों को 'जोखिम और कठिनाई भत्ता' (Risk and Hardship Allowance) से वंचित होना पड़ा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रक्षा क्षेत्र में इस तरह की प्रशासनिक सुस्ती न केवल सैनिकों के मनोबल को प्रभावित करती है, बल्कि यह वित्तीय पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जब बुनियादी वेतन संबंधी प्रक्रियाएं इतनी जटिल और त्रुटिपूर्ण होती हैं, तो यह जमीनी स्तर पर तैनात सैनिकों के प्रति संस्थागत संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है।
प्रशासनिक लापरवाही और ऑडिट की अनदेखी सीधे तौर पर सैन्य बुनियादी ढांचे और कर्मियों के कल्याण को खतरे में डालती है।
रिटायरमेंट सेटलमेंट में गड़बड़ी: ऑडिट में यह भी पाया गया कि सेवानिवृत्ति के समय खातों के अंतिम निपटान की प्रक्रिया को दरकिनार किया गया, जिससे सेवानिवृत्त सैनिकों से अचानक भारी वसूली की गई। एक मामले में, एक सैनिक से छह साल पुराने घटनाक्रम के लिए ₹3.7 लाख की वसूली की गई।
सैन्य अस्पतालों में सुरक्षा का संकट
अस्पतालों के मामले में स्थिति और भी गंभीर है। ऑडिट में पाया गया कि 19 सैन्य सुविधाओं में से 12 पुराने भवनों में चल रही हैं, जिनमें से 7 तो एक सदी से भी अधिक पुराने हैं। जून 2022 में लैंसडाउन में एक सैन्य अस्पताल के हिस्से के ढहने का कारण संरचनात्मक ऑडिट (Structural Audit) की अनदेखी को माना गया है। इसके अलावा, छह अस्पतालों में बिना विकिरण सुरक्षा लाइसेंस (Radiation Safety License) के एक्स-रे मशीनों का संचालन किया जा रहा था।
Frequently Asked Questions
1. वेतन आदेशों में देरी का मुख्य कारण क्या है?
ऑडिट के अनुसार, मैन्युअल प्रोसेसिंग और बिना कारण आदेशों को खारिज करने के कारण वेतन वितरण में 68-80 दिनों की देरी हो रही है।
2. अस्पतालों में क्या सुरक्षा जोखिम पाए गए?
बिना लाइसेंस वाली एक्स-रे मशीनें और पुराने, बिना ऑडिट वाले भवनों का उपयोग मुख्य सुरक्षा जोखिम हैं।