घाज़ीआबाद के इंदिरापुरम में 22 वर्षीय मजदूर बरसात के दौरान जलजमाव में फँसे रास्ते पर बिजली के झटके से गिरा और तुरंत मर गया। पुलिस के प्रारम्भिक सर्वे में बताया गया है कि निकटवर्ती ट्रांसफ़ॉर्मर से लीक हुई विद्युत धारा ने इस त्रासदी को जन्म दिया।

घाज़ीआबाद, उत्तर प्रदेश – 22 वर्षीय मजदूर नरेंद्र काची, जिसे स्थानीय लोग बबलू के नाम से जानते थे, भारी मानसून के दौरान इंदिरापुरम के ज्ञानखंड पार्क‑1 के पास जलजमाव में फँसी सड़क पर चलते समय अचानक गिर पड़ा और तुरंत मृत्यु हो गई। घटना लगभग दोपहर 3 बजे घटित हुई, जब बबलू ने लोहे के गेट से बाहर निकलते ही पानी में घुटते‑घुटते गिर गया।

गवाहों और सीसीटीवी की रिपोर्ट

आसपास के निवासियों ने बताया कि गेट के पास स्थित ट्रांसफ़ॉर्मर से विद्युत धारा पानी में मिल गई थी, जिससे वह विद्युत चालक बन गया। घटना के बाद कई बायपास कैमरों और पास के नागरिकों के मोबाइल फोन से ली गई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इन फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखता है कि बबलू ने पानी में कदम रखा और कुछ ही क्षणों में वह बेहोश हो गया।

विद्युत सुरक्षा और जलजमाव का जोखिम

बिजली के उपकरण, विशेषकर ट्रांसफ़ॉर्मर, को जलजमाव वाले क्षेत्रों में विशेष इन्सुलेशन और निरंतर निगरानी की आवश्यकता होती है। बारिश के दौरान यदि ट्रांसफ़ॉर्मर की कूलिंग सिस्टम में खराबी आती है या कंडक्टिंग कंड्युट्स क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, तो विद्युत प्रवाह जमीन और पानी में रिस सकता है। इस तरह की लीक न केवल पास के लोगों को बल्कि वाहन चलाने वाले नागरिकों को भी गंभीर खतरे में डालती है।

मानसून में बुनियादी ढाँचे की चुनौतियाँ

भारत में प्रत्येक वर्ष जुलाई‑अगस्त के महीनों में तीव्र वर्षा से जलजमाव और बाढ़ की स्थिति बनती है। कई शहरों में पुराने विद्युत बुनियादी ढाँचे की मरम्मत और अद्यतन कार्य अधूरे रहते हैं, जिससे ऐसी दुर्घटनाएँ घटित होती हैं। पिछले कुछ वर्षों में भी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के आसपास कई समान घटनाएँ दर्ज हुई हैं, जहाँ जलजमाव में फँसे बिजली के कारण लोगों की मौत या गंभीर चोटें आई हैं।

जांच और कानूनी कार्रवाई

घटना की सूचना 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से मिली, और अभय खंड पुलिस चौकी के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। बबलू को लाया गया लायफ अस्पताल में मृत घोषित किया गया। पुलिस ने प्रारम्भिक सर्वेक्षण में बताया कि मृत्यु का कारण प्राथमिक रूप से इलेक्ट्रोक्यूशन है, और आगे की जांच में ट्रांसफ़ॉर्मर की तकनीकी स्थिति, रखरखाव रिकॉर्ड और संभावित लापरवाही की जांच की जाएगी। परिवार ने पुलिस से शीघ्र कार्रवाई और जिम्मेदारियों की तय्यारी की माँग की है।

ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन को न केवल जल निकासी व्यवस्था बल्कि विद्युत बुनियादी ढाँचे की समय पर जाँच‑परिचालन को भी प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि भविष्य में दोहराव से बचा जा सके।