दिल्ली के एक कोर्ट ने श्रद्धा वॉकर के हत्या मामले की 20 जुलाई की सुनवाई रद्द कर दी, क्योंकि आरोपी आफ़ताब अमीन पूनावाला ने बताया कि वह उसी दिन टिहर जेल में अपना अंतिम एमए समाजशास्त्र परीक्षा देगा। अब साक्ष्य रिकॉर्डिंग 21 जुलाई से दोपहर 2 बजे शुरू होगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- आरोपी आफ़ताब पूनावाला टिहर जेल में एमए समाजशास्त्र की अंतिम परीक्षा दे रहा है।
- कोर्ट ने 20 जुलाई की सुनवाई को परीक्षा के कारण रद्द कर दिया।
- साक्ष्य संग्रह 21 जुलाई से दोपहर 2 बजे से पुनः शुरू होगा।
दिल्ली के एक विशेष न्यायालय ने 20 जुलाई को निर्धारित श्रद्धा वॉकर के हत्या मामले की सुनवाई को स्थगित कर दिया, क्योंकि मुख्य आरोपी आफ़ताब अमीन पूनावाला ने कोर्ट को सूचित किया कि वह उसी दिन टिहर जेल के भीतर स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) परीक्षा केंद्र में अपना अंतिम एमए समाजशास्त्र परीक्षा देगा।
पृष्ठभूमि और मामला
श्रद्धा वॉकर, 27 वर्षीया, मई 2022 में अपने साथ रहने वाले साथी पूनावाला द्वारा मारी गई थी। जांच में पता चला कि पीड़िता को गला घोंटकर मारने के बाद उसके शरीर को कई टुकड़ों में काटकर विभिन्न स्थानों पर फेंका गया, जिसमें एक जंगल भी शामिल है। इस हत्याकांड ने देश भर में धक्का मार दिया और न्यायिक प्रक्रिया 2023 से चल रही है।
परीक्षा का प्रभाव और अदालत का निर्णय
पूनावाला ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट को एक आवेदन दिया, जिसमें वह 20 जुलाई को दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक चलने वाली अपनी परीक्षा से मुक्त रहने का अनुरोध करता है। अदालत ने इस आवेदन को स्वीकार कर 20 जुलाई की सुनवाई को रद्द कर दिया, जबकि पहले निर्धारित 20‑25 जुलाई की साक्ष्य रिकॉर्डिंग को 21 जुलाई से दोपहर 2 बजे से पुनः आरंभ करने का आदेश दिया।
वर्तमान प्रक्रिया और आगे की राह
प्रसिक्यूशन ने बताया कि अब तक 13 साक्षीदारों की गवाही partly रिकॉर्ड की जा चुकी है, जबकि 12 गवाहों की गवाही स्थगित रखी गई है। कुल आठ गवाहों की गवाही अभी बाकी है। अगली सुनवाई के लिए अगस्त में अतिरिक्त तिथियों का निर्धारण अभी बाकी है।
समाज और कानूनी दृष्टिकोण
श्रद्धा वॉकर के पिता, विकास वॉकर, जिन्होंने अपनी बेटी के न्याय के लिए केस लड़ा, 2025 में देहांत हो गए। इस मामले में न्याय की प्रतीक्षा कई परिवारों के लिए एक दर्दनाक यात्रा रही है। अदालत की इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि भारत में उच्च शिक्षा और न्यायिक प्रक्रिया के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयास जारी हैं, विशेषकर जब आरोपी जेल में ही पढ़ाई कर रहा हो।