तिरुचि ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में तमिलनाडु के शहरों में पहला स्थान हासिल किया है। हालांकि, 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की राष्ट्रीय सूची में यह 9वें स्थान से खिसककर 12वें स्थान पर आ गया है।

  • तिरुचि तमिलनाडु का नंबर 1 cleanest air शहर बना।
  • राष्ट्रीय रैंकिंग में 9वें स्थान से गिरकर 12वें स्थान पर पहुंचा।
  • PM10 स्तर 2017-18 के 88 से घटकर 2025-26 में 53 रह गया है।
  • थिल्लाई नगर (वार्ड 22) को राज्य स्तरीय 'सर्वश्रेष्ठ वार्ड' पुरस्कार मिला।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत आयोजित 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026' के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस सर्वेक्षण में 130 शहरों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें तिरुचि ने राज्य स्तर पर अपनी बादशाहत कायम रखी है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर इसकी स्थिति में मामूली गिरावट देखी गई है।

तिरुचि ने 200 में से 183 अंक प्राप्त किए, जिससे वह 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 12वें स्थान पर रहा। पिछले वर्ष (2025) में शहर ने 186 अंक प्राप्त किए थे और वह 9वें स्थान पर था। यह गिरावट दर्शाती है कि जबकि शहर सुधार कर रहा है, अन्य भारतीय शहर भी तेजी से अपनी वायु गुणवत्ता में सुधार कर रहे हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वायु गुणवत्ता में सुधार केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि व्यवस्थित शहरी नियोजन से आता है। तिरुचि का PM10 स्तर में भारी गिरावट (88 से 53) यह साबित करता है कि दीर्घकालिक रणनीतियां काम कर रही हैं, लेकिन राष्ट्रीय रैंकिंग में गिरावट यह चेतावनी देती है कि शहर को अपनी गति बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि वह शीर्ष 10 में वापस आ सके।

वायु गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए केवल वृक्षारोपण पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण धूल और कचरा जलाने जैसी जमीनी समस्याओं का पूर्ण उन्मूलन आवश्यक है।

सर्वेक्षण के मानदंड काफी सख्त थे, जिसमें बायोमास और नगर निगम ठोस कचरे का जलना, सड़क की धूल, निर्माण और विध्वंस गतिविधियों से उत्पन्न धूल, वाहनों का उत्सर्जन और औद्योगिक उत्सर्जन जैसे कारकों को शामिल किया गया। इसके अलावा, जनता के बीच जागरूकता और PM10 सांद्रता में सुधार को भी प्राथमिकता दी गई।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, सड़कों और डिवाइडरों के किनारे व्यापक वृक्षारोपण ने शहर के ग्रीन कवर को बढ़ाने में मदद की है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि अभी भी खुले में कचरा फेंकने और जलाने की घटनाओं को रोकने, नियमित सड़क सफाई और धूल नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव (water sprinklers) जैसे क्षेत्रों में और अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

पैरामीटर 2017-18 2025-26
PM10 सांद्रता 88 53
राष्ट्रीय रैंक - 12वीं
राज्य रैंक - 1ली
क्या आप जानते हैं?: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण (SVS) का मुख्य उद्देश्य शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा पैदा करना है ताकि वे अपनी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार के लिए नए नवाचार अपनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 क्या है?
यह राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत एक मूल्यांकन है जो भारत के शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को मापता है।

2. तिरुचि की राष्ट्रीय रैंकिंग क्यों गिरी?
यद्यपि तिरुचि ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अन्य शहरों ने अपने स्कोर में अधिक सुधार किया, जिससे तिरुचि 9वें से खिसककर 12वें स्थान पर आ गया।