तेनाली ग्रामीण पुलिस ने 36 वर्षीय नरेंद्र बाबू को उसकी पत्नी संध्या रानी की हत्या का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया। आरोप है कि शराब की लत और पारिवारिक झगड़े ने इस भयावह कृत्य को जन्म दिया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 36 वर्षीय नरेंद्र बाबू को पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया
  • घटना घरेलू विवाद और शराब की लत से जुड़ी थी
  • आरोपी ने खुद पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया

तेनाली ग्रामीण पुलिस ने बुधवार को 36 वर्षीय नरेंद्र बाबू (मनपेयी) को उसकी पत्नी संध्या रानी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। यह घटना गुंटूर जिले के तेनाली मंडल में हुई, जहाँ कई सालों से शराब‑पान और घरेलू झगड़ों की शिकायतें दर्ज थीं।

पृष्ठभूमि और परिवार

नरेंद्र बाबू, जो चेंचुपेत में एक पैन शॉप चलाते हैं, ने 2016 में संध्या रानी से शादी की थी। जोड़े के दो छोटे बेटे हैं, क्रमशः 10 और 8 साल के। पुलिस के अनुसार, बाबू शराब के आदी थे और अक्सर घर के खर्चों को लेकर पत्नी के साथ झगड़ते रहते थे। वह यह भी मानते थे कि संध्या लम्बे समय तक फोन पर बात करती हैं, जिससे उसके ऊपर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगा।

हत्याकांड का विवरण

जाँचकर्ताओं ने बताया कि बाबू ने पहले बड़ी चाकू खरीदी और उसे घर में छुपा कर रखी थी, जिससे वह भविष्य में इसे इस्तेमाल करने की योजना बना रहा था। 10 जुलाई को, जब वह नशे में घर लौटे, तो फिर से पत्नी के साथ झगड़ा हुआ। संध्या ने बच्चों के साथ घर छोड़ने की धमकी दी, जिसके बाद बाबू ने चादर वाले कमरे में चाकू से कई बार हमला किया, जिससे घातक घाव हुए। इस दौरान बाबू के हाथों पर भी कट लगने से चोटें आईं।

आत्मसमर्पण और कानूनी कार्यवाही

हत्या के बाद बाबू रक्त‑लथपथ स्कूटर लेकर तेनाली ग्रामीण पुलिस स्टेशन पहुँचा और स्वयं को सस्पेंड किया। उसे अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त स्कूटर जब्त कर लिया और बाबू को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत बुक किया। वर्तमान में वह न्यायिक जमानत के तहत कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है।

समाज पर प्रभाव

यह मामला घरेलू हिंसा, शराब की लत और महिला सुरक्षा के मुद्दों को फिर से उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में शीघ्र हस्तक्षेप और सामाजिक जागरूकता आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोका जा सके।