नागेरकोइल जिला जेल में सबरी वर्मन की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने आठ अन्य कैदियों को गिरफ्तार किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने के बाद मामले को हत्या में बदल दिया गया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- नागेरकोइल जेल में सबरी वर्मन की संदिग्ध मृत्यु के मामले में 8 कैदियों की गिरफ्तारी।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 19 चोटों और हड्डियों के फ्रैक्चर का खुलासा।
- पुलिस ने मामले को 'संदिग्ध मृत्यु' से बदलकर 'हत्या' (Murder) की श्रेणी में किया।
- जेल के तीन कर्मचारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
तमिलनाडु के नागेरकोइल में जेल हिरासत के दौरान हुई एक हृदयविदारक घटना ने कानून व्यवस्था और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 35 वर्षीय सबरी वर्मन, जो एक दिव्यांग व्यक्ति थे, की सोमवार तड़के जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। शुरुआती जांच के बाद, पुलिस ने अब इस मामले को हत्या के रूप में दर्ज किया है, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर अत्यधिक हिंसा के प्रमाण मिले हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का चौंकाने वाला खुलासा
कानियाकुमारी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (KKGMCH) में किए गए पोस्टमार्टम ने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, सबरी वर्मन के शरीर पर 19 चोटों के निशान पाए गए हैं, जिनमें शरीर के विभिन्न हिस्सों पर खरोंच और दाहिने हाथ के पिछले हिस्से पर गंभीर नील (contusion) शामिल हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि उनके दाहिने हाथ की मेटाकार्पल हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया है। इन निष्कर्षों के बाद, पुलिस ने मामले को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या के रूप में दर्ज किया है।
गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई
जांच के क्रम में पुलिस ने अब तक कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया है। पहले चरण में, जेल के तीन कर्मचारियों—चीफ हेड वार्डर एन. सुरेश, ग्रेड-I वार्डर एन. जेहान और ग्रेड-II वार्डर जे. सिबाकुमार को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद, बुधवार को पुलिस ने जेल के आठ अन्य कैदियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान वी. विष्णु, ए. सारथी, ए. जेगन, जे. शरत, आर. वेरिया पेरुमल, जी. सेथुरम, ए. अजिथ और आर. अरविंद के रूप में की गई है।
राजनीतिक हलचल और मांगें
इस घटना ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। थूथुकुडी की सांसद और डीएमके (DMK) नेता कनिमोझी करुणानिधि ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय दोष मढ़ने की कोशिश कर रही है। परिवार और उनके समर्थकों ने न्याय सुनिश्चित करने के लिए मामले को सीबीआई (CBI) जांच को सौंपने की मांग की है।