दुबई स्थित भारतीय दूतावास ने पुणे के 30 वर्षीय नाविक हेरंभ करमरकर की मौत की पुष्टि की है, जो 12 जुलाई को ओमान के तट पर एक जहाज पर हुए हमले के बाद से लापता थे। ओमान कोस्ट गार्ड द्वारा उनके शव को बरामद किए जाने के बाद इस क्षेत्र में जारी संघर्ष में मारे गए भारतीयों की संख्या अब 14 हो गई है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • पुणे के नाविक हेरंभ करमरकर की मौत की पुष्टि, ओमान तट पर हमले में मारे गए।
  • एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर हमले के बाद लगभग 60 घंटे बाद शव बरामद हुआ।
  • पश्चिम एशिया के युद्ध में मारे गए भारतीयों की कुल संख्या 14 पहुंची।

दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने बुधवार को एक दिल दहला देने वाली जानकारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुणे के एक नाविक की मृत्यु हो गई है, जो 12 जुलाई को ओमान के तट पर साइप्रस के झंडे वाले मालवाहक जहाज एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले के बाद से लापता था। मृतक की पहचान 30 वर्षीय हेरंभ करमरकर के रूप में हुई है, जो इस जहाज पर थर्ड इंजीनियर के पद पर तैनात थे।

घटना का विवरण और बचाव अभियान

जहाज पर कुल 11 भारतीय चालक दल के सदस्य थे, जिनमें से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन हेरंभ लापता हो गए थे। दूतावास द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ओमान के तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) ने हमले के लगभग 60 घंटे बाद उनका शव बरामद किया। यह घटना पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को दर्शाती है, जहां 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध में अब तक 14 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है।

परिवार और शिक्षा की पृष्ठभूमि

हेरंभ करमरकर एक प्रतिभाशाली युवा थे, जिन्होंने यूके के सिटी ऑफ ग्लासगो कॉलेज से मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी और फिर मर्चेंट नेवी में शामिल हुए थे। उनके ससुर विवेक टंडन ने बताया कि हेरंभ पिछले पांच महीनों से जहाज पर थे और जल्द ही अपनी ड्यूटी खत्म करके घर वापस आने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी, मां और एक छोटी बहन शामिल हैं, जो अब गहरे सदमे में हैं।

सरकारी सहायता और आगे की कार्रवाई

भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह शोकाकुल परिवार के संपर्क में है और यूएई की अधिकारियों तथा शिपिंग कंपनी के साथ मिलकर परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहा है। फिलहाल, हेरंभ का शव ओमान नौसेना के पास है और उनके अंतिम संस्कार के लिए शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।